• व्यक्ति को अहंकार नहीं करना चाहिए, अहंकार बुद्धि और ज्ञान का हरण कर लेता है : पं. धर्मेन्द्र अवस्थी
बानपुर (ललितपुर) । श्री बजरंगगढ़ मंदिर मे चल रहे 11 लाख पार्थिव शिवलिंग व रुद्राभिषेक के संकल्प में गुरुवार को शिवभक्तो ने 3 लाख 70 हजार पार्थिव शिवलिंग निर्माण व रुद्राभिषेक, पूजन पं. दिनेश त्रिपाठी ने वैदिक मंत्रोच्चरण के साथ संपन्न कराई । व्यक्ति को अहंकार नहीं करना चाहिए, अहंकार बुद्धि और ज्ञान का हरण कर लेता है। अहंकार ही मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा आयोजन के पंचम दिवस पर कथा वाचक पंडित धर्मेन्द्र अवस्थी ने यह बात कही।
कथा व्यास पंडित धर्मेन्द्र अवस्थी ने बताया कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान की लीला वे स्वयं ही समझ सकते हैं। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए। शास्त्री ने कहा कि जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं। जैसे ही कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ पूरा पंडाल जयकारों से गूंजने लगा।श्रीकृष्ण जन्म उत्सव पर नन्द के आनंद भयो जय कन्हैयालाल की भजन प्रस्तुत किया तो श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर जमकर झूमे। एक-दूसरे को श्रीकृष्ण जन्म की बधाईयां दी गई, एक-दूसरे को खिलौने और मिठाईयां बाटी गई। कथा महोत्सव में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भजन प्रदुम कर भगवान श्री कृष्ण के जन्म की खुशियां मनाई। इस शुभ अवसर पर यजमान सनी राजा, बाबूलाल द्विवेदी मानस मधुप छिल्ला, जिला पंचायत सदस्य डॉक्टर आशीष रावत, देवेंद्र कुमार गुप्ता दीनू, नीरज तिवारी,संदीप द्विवेदी, बृजेश चौबे, बब्बू राजा, महेंद्र नायक, गजराज सिंह चौहान, डॉ.समीर राय, भैया लाल साहू, कल्लू कुशवाहा, अंकित पांचाल, शिवम नामदेव एवं बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहे । बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुष उपस्थित रहे ।
सत्यार्थ न्यूज से बानपुर संवाददाता “ललित नामदेव” की रिपोर्ट
Leave a Reply