• धर्म का अर्थ है, जीवन जीने की कला – पं.धर्मेंद्र अवस्थी
• 11 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं महा रुद्राभिषेक का हो रहा है आयोजन।
बानपुर (ललितपुर) – कस्बा बानपुर के श्री बजरंगढ़ मंदिर में श्रावण मास में हो रहे 11 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं महा रुद्राभिषेक कार्यक्रम में मंगलवार को श्रद्धालुओं ने 2 लाख 71 हजार 3 सौ 29 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया । महाअभिषेक का पीठ पूजन और पंचांग पूजन, आचार्य पं. दिनेश कुमार त्रिपाठी व वैदिक विद्वानों ने किया ।
श्रीमद् भागवत कथा में पंडित धर्मेन्द्र अवस्थी ने कहा कि भगवान भक्त के प्रेमभाव के भूखे होते हैं। विदुर प्रसंग में भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम की व्याकुलता के बारे में उन्होंने विस्तार से बताया। महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण विदुरजी की कुटिया में भोजन करने गए और वहां केले के छिलकों का भोग स्वीकारा। इससे पहले वे दुर्योधन के महल में छप्पन भोग का त्याग कर आए थे। भगवान तो प्रेम के भूखे होते हैं और विदुर-विदुरानी ने भगवान को प्रेम से भोजन करवाया तो उन्होंने केले के छिलके भी प्रेम से खा लिए। कथा के दौरान महाराज ने श्रद्धालुओं के समक्ष सती प्रसंग, ध्रुव चरित्र आदि के प्रसंग भी विस्तार से सुनाए। भागवत कथा में बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहे ।
सत्यार्थ न्यूज से बानपुर संवाददाता “ललित नामदेव” की रिपोर्ट
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