ब्यूरो चीफ दीपचंद शर्मा
बस्सी, जयपुर
डॉक्टर विशंभर दयाल शर्मा का पशु चिकित्सक पद पर हुआ चयन ,उनके निजी निवास एवं सोशल मीडिया पर बधाई देने वाले लोगों का लगा तांता
चिकित्सक शर्मा ने समाज और गांव का नाम रोशन किया
हाल ही में संपन्न राजस्थान गवर्नमेंट वेटनरी ऑफीसर भर्ती परीक्षा में जगन्नाथ प्रसाद गोगोरिया निवासी सरपंच की ढाणी कुंथाडा़ कलां, तहसील बस्सी, जिला जयपुर (राजस्थान) के सुपौत्र डॉ० विशंभर दयाल शर्मा सुपुत्र श्री चौथमल गोगोरिया का राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित राजस्थान गवर्नमेंट वेटनरी ऑफीसर (पशु चिकित्सक) के पद पर अंतिम रूप से चयन होने पर सर्व समाज के लोगों द्वारा बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की एवम ईश्वर से कामना की । डॉ० शर्मा चिकित्सा जगत में प्रगति की ओर अग्रसर होकर समाज एवम गांव का नाम रोशन करें । डॉ० शर्मा ने पशु चिकित्सा में कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग, छत्तीसगढ़ से ग्रेजुएशन एवम नानाजी देशमुख वेटनरी साइंस यूनिवर्सिटी इंदौर, मध्य प्रदेश से पीजी करने के पश्चात वर्तमान में राजूवास यूनिवर्सिटी बीकानेर से पीएच०डी० कर रहे हैं। पीजी के दौरान इन्होंने पैराट्यूबरकुलोसिस (जॉन्स रोग) पर रिसर्च किया है जो कि एक जूनोटिक रोग है जिसका मानव स्वास्थ्य पर भी असर देखा गया है। पीएचडी के दौरान अभी न्यू कैसल रोग पर रिसर्च कर रहे हैं। डॉ०शर्मा कबड्डी और बैडमिंटन के नेशनल खिलाड़ी भी रह चुके हैं । डॉ० शर्मा के ताऊजी पूर्व सरपंच रामराय गोगोरिया (अध्यक्ष ग्राम सेवा सहकारी समिति कुथाड़ा खुर्द) ने बताया कि डॉ० शर्मा ग्रामीण परवेश से होने के कारण बचपन से ही प्रकृति प्रेमी रहे हैं, इन्होंने गांव में कल्पवृक्ष के जोडे सहित हजारों की संख्या में पेड़ लगाये है। कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने के पश्चात बेजुबानों की सेवा करने के उद्देश्य से वेटरनरी कॉलेज में दाखिला लेने का निश्चय किया। साथ ही वेटरनरी डिग्री करने के पश्चात बेजुबान पक्षियों एवं गोवंश का अपने खर्चे से इलाज करते हैं ।


















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