बीपैक्स कचनरवा केंद्र पर सचिव की मनमानी से किसान त्रस्त, किसानों ने लगाया कटौती करने का आरोप
(दुद्धी सोनभद्र रिपोर्ट नितेश कुमार)
कोन / सोनभद्र – जनपद में लक्ष्य पूरा होने से पुन: क्रय केन्द्र बंद हो जाने से किसान परेशान हैं वहीं केन्द्र प्रभारी की मनमानी ने किसानों की चिंता बढा दी है। ऐसा ही मामला विकास खण्ड कोन अंतर्गत बीपैक्स ( सहकारी समिति) कचनरवा की है । मिली जानकारी के अनुसार धान क्रय केन्द्र प्रभारी की मनमानी इस कदर बढ़ गयी है जहां सरकार की मंशा के विपरीत अपने चहेते व मिलर की मिलीभगत से धान कचनरवा न्याय पंचायत के बाहर के किसानों की धान खरीदी की गयी है। जबकि अन्य किसान अभी तक शेष रह गये हैं । किसान संजय व विनोद सहित अन्य किसानों ने बताया कि बीपैक्स कचनरवा केन्द्र पर प्रभारी द्वारा अपनी चहेतों व अन्य क्षेत्रों जैसे रॉबर्टसगंज, चुर्क, नग़वां कोन, डोमा, खेतकटवा , खेमपुर आदि स्थानों के किसानों का बहुतायत में धान क्रय किया गया है और वहीं तौल कराने के नाम पर 1 से 2 रुपये प्रति किलो लेकर 10 से 12.30 प्रतिशत कटौती किया गया है। किसानों से ढलता या अन्य कारण दिखाकर प्रति कुंतल 10 से 12.50 प्रतिशत की कटौती की गयी है जो शासन की मंशा के विपरीत है । सबसे बड़ा सवाल कि कचनरवा बीपैक्स पर जब सचिव नियुक्त है तो आखिर किन कारणों से अन्य बीपैक्स के सचिव को धान क्रय केन्द्र प्रभारी बनाया गया और उक्त के संदर्भ में बीपैक्स अध्यक्ष को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई जो बहुत बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है। जबकि उक्त केन्द्र प्रभारी के ऊपर उर्वरक वितरण में भी अनियमितता और ओवर रेंटिग का आरोप लगाया जा चुका था जो कि मामला दबा रह गया। जिसके क्रम में समिति के अध्यक्ष संतोष जायसवाल ने कहा कि मुझे धान क्रय केंद्र बनाने व क्रय केंद्र प्रभारी बनाने के संदर्भ में कोई सूचना नहीं दी गई है बल्कि किसानों से जानकारी मिली है कि क्रय केन्द्र प्रभारी द्वारा धान खरीदी में कटौती किया गया है। किसानों का कहना है कि बीपैक्स कचनरवा में अब तक जिन किसानों का धान खरीदा गया है उसमें स्थानीय किसान 15 प्रतिशत को छोड़कर ज्यादातर किसान न्याय पंचायत के बाहर के हैं जो कि शासनादेश के विपरीत है। जिसके संबंध में सपा नेता / किसान नेता जोखन प्रसाद ने कहा कि जिन किसानों का बी पैक्स कचनरवा पर धान खरीदी गई है उनकी सूची सार्वजनिक करते हुए उनकी सत्यापन कराते हुए संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई कराने की मांग किया है और उन्होंने आगे कहा कि किस शासनादेश के तहत न्याय पंचायत के बाहर के किसानों का धान खरीदा गया जबकि समिति स्थानीय स्तर के लिए बना है जहाँ समिति के सदस्य / अध्यक्ष का चुनाव होता है। न्याय पंचायत स्तर से बाहर के किसानों की जो धान खरीदी गई है जो संबंधित पोर्टल पर किसानों का नाम प्रदर्शित हो रहा है। धान खरीदी की अंतिम तिथि 28 फरवरी है पर लक्ष्य पूरा दिखाकर खरीदी बंद कर दी गई है।जिससे किसानों के सामने धान बेचने की समस्या खड़ी हो गई है और वहीं बीपैक्स कचनरवा पर अब तक जिन किसानों के धान खरीदी व तौल कराये गये हैं उनमें भारी अनियमितता बरतने का मामला सामने आया है। उन्होंने जिलाधिकारी समेत संबंधित विभाग से मांग किया है संबंधित केन्द्र पर खरीदी की गई किसानों की सूची केन्द्र पर चस्पा व किसानों की धान अविलंब खरीदी किये जाने और दोषी केन्द्र प्रभारी पर कठोर कार्यवाही करने की मांग किया है। इस बावत् एडीसीओ अवधेश सिंह ने कहा कि जनपद का लगभग बीपैक्स का लक्ष्य पूर्ण हो गया है इस वजह से खरीदी बंद हो गई है और एक सवाल के जबाब में उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की कोई कटौती करने का कोई शासनादेश नहीं है अगर किसी भी केन्द्र पर कटौती या वसूली की गई है तो उसकी जाँच कराकर दोषी पाये जाने वाले केन्द्र प्रभारियों के ऊपर कठोर कार्यवाही की जायेगी। देखना अब दिलचस्प होगा कि क्या ऐसे भ्रष्टाचार में लिप्त केन्द्र प्रभारियों के ऊपर कार्यवाही होता है या ठंडे बस्ते में चला जायेगा।
















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