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पेंशन और फैमिली आईडी के मुद्दे पर कालांवाली में गरजा विपक्ष, विधायक शीशपाल केहरवाला की अगुवाई में जोरदार धरना

रिपोर्टर इन्द्र जीत
लोकेशन कालावाली
जिला सिरसा

पेंशन और फैमिली आईडी के मुद्दे पर कालांवाली में गरजा विपक्ष, विधायक शीशपाल केहरवाला की अगुवाई में जोरदार धरना


महामहिम राज्यपाल के नाम एसडीएम मोहित महाराणा को सौंपा ज्ञापन, कहा— “बुजुर्गों का मान-सम्मान है पेंशन, शुरू करवाकर ही रहेंगे”
कालांवाली, 12 फरवरी
हरियाणा में बुढ़ापा, विधवा और विकलांग पेंशन के साथ-साथ फैमिली आईडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर कालांवाली में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इन मुद्दों को लेकर कालांवाली के विधायक शीशपाल केहरवाला की अगुवाई में जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) मोहित महाराणा को महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

धरने को संबोधित करते हुए विधायक शीशपाल केहरवाला ने कहा कि प्रदेश सरकार पेंशनधारकों को परेशान करने का काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “पेंशन बुजुर्गों का मान-सम्मान है, इसे किसी भी हाल में बंद नहीं होने देंगे। हम पेंशन शुरू करवा कर ही रहेंगे।”

“11 साल से भाजपा की सरकार, जिम्मेदारी भी उसी की”

विधायक केहरवाला ने प्रदेश सरकार और मंत्री कृष्ण बेदी के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर 50 साल के किसी व्यक्ति की पेंशन चल रही है तो इसकी जिम्मेदारी भी भाजपा सरकार की ही है। उन्होंने कहा, “प्रदेश में 11 साल से भाजपा की सरकार है। अगर किसी भी स्तर पर गलत तरीके से पेंशन जारी हुई है तो वह उनकी ही नीतियों का परिणाम है। अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए बुजुर्गों और जरूरतमंदों की पेंशन पर कैंची चलाना पूरी तरह अन्याय है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार फैमिली आईडी के नाम पर लोगों को कार्यालयों के चक्कर कटवा रही है। गरीब, विधवा और विकलांग लोग दस्तावेजों की कमी और तकनीकी खामियों के कारण परेशान हैं। विधायक ने कहा कि सरकार को व्यवस्था सुधारनी चाहिए, न कि पात्र लोगों की पेंशन रोकनी चाहिए।

“ईंट से ईंट बजा देंगे, सरकार को झुकने पर करेंगे मजबूर”

धरने के दौरान विधायक केहरवाला ने सरकार के खिलाफ कड़े तेवर दिखाते हुए कहा, “अगर सरकार ने पेंशन बहाल नहीं की तो हम उसकी ईंट से ईंट बजा देंगे। प्रदेश की हर विधानसभा और हर हलके में आवाज बुलंद की जाएगी। भाजपा सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे।”

उन्होंने कहा कि यह केवल कालांवाली का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे हरियाणा के लाखों बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों का सवाल है। “सरकार को यह समझना होगा कि पेंशन कोई एहसान नहीं, बल्कि अधिकार है,” उन्होंने कहा।

फैमिली आईडी को लेकर भी उठाए सवाल

धरने में फैमिली आईडी को लेकर आ रही दिक्कतों का भी मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि फैमिली आईडी में छोटी-छोटी त्रुटियों के कारण लोगों की पेंशन और अन्य योजनाओं का लाभ रुक रहा है।

विधायक ने कहा कि सरकार ने फैमिली आईडी को पारदर्शिता का माध्यम बताया था, लेकिन जमीनी स्तर पर यह लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। उन्होंने मांग की कि फैमिली आईडी में आ रही त्रुटियों को तुरंत दूर किया जाए और पेंशनधारकों को बिना बाधा लाभ दिया जाए।

एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

धरने के बाद विधायक शीशपाल केहरवाला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपमंडल अधिकारी मोहित महाराणा को महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि बुढ़ापा, विधवा और विकलांग पेंशन को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए और जिनकी पेंशन रोकी गई है, उन्हें शीघ्र जारी किया जाए।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि फैमिली आईडी में सुधार की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए ताकि आमजन को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी

धरना प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। थाना प्रभारी सुनील कुमार और चौकी इंचार्ज परवीन टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। पुलिस बल की तैनाती के चलते प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरने में क्षेत्र के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि, सरपंच और नगर पार्षद मौजूद रहे। विधायक के साथ संदीप नेहरा, अबतार सिंह सुरतिया, नगरपालिका प्रधान महेश झोरड़, नगर पार्षद मंगत नागर, हेमंत गोयल, बहादुर पचेरवाल, सिकंदर बाहिया, नितिन गर्ग, मनोज कुमार,बकील सिंह, दिनेश सिंगला, सुनील बुमरा, सुरेश सिंगला रन्टी, रवि दानेवालिया, ओम प्रकाश, गुरजीत शर्मा, खिल्लु धर्मपुरा, बलविंदर सरपंच रोड़ी, मेजर सरपंच रोड़ी, सतिंदर जीत सोनी सरपंच, नरेंद्र सरपंच खतरावा, जगविंदर सरपंच खतरावा, निशान सिंघपुरा, सोहन सिंह थिराज, दर्शन थिराज, सुखजीत कुरंगावाली, जगजीत कुरंगावाली, डिप्टी दादू सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

धरने में शामिल वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि सरकार को जनविरोधी फैसले वापस लेने होंगे। उन्होंने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

पेंशन बना राजनीतिक मुद्दा

प्रदेश में बुढ़ापा, विधवा और विकलांग पेंशन का मुद्दा इन दिनों राजनीतिक केंद्र में है। विपक्ष इसे जनहित का मुद्दा बताते हुए सरकार पर निशाना साध रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि केवल अपात्र लाभार्थियों की जांच की जा रही है।

कालांवाली में हुए इस धरने ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है। विधायक शीशपाल केहरवाला ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो आंदोलन जिला और प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।
कालांवाली में आयोजित यह धरना केवल एक स्थानीय प्रदर्शन नहीं, बल्कि प्रदेश स्तर पर उभर रहे असंतोष की झलक माना जा रहा है। बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन को लेकर उठी आवाज ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।

अब देखना यह होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है—क्या विपक्ष के दबाव में पेंशन बहाल करने की घोषणा होती है या फिर जांच प्रक्रिया को जारी रखा जाता है। फिलहाल कालांवाली से उठी यह आवाज प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा करती नजर आ रही है।फ़ोटो धरने पर सम्बोधित करते विधायक व एसडीएम को ज्ञापन सौंपते विधायक शीशपाल केहरवाला

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