• नासूर बना शहर का अतिक्रमण, कार्यवाही मात्र औपचारिकता।
• सड़कों पर पटरी दुकनदारों का है कब्जा, सजी है बाइक व बक्सों की दुकाने।
बाराबंकी: शहर मे अतिक्रमण लाइलाज बिमारी के साथ नासूर बनता दिख रहा है। इसके खिलाफ चलाए जाने वाले अभियान अब तो बस औपचारिकता बन कर रह गए हैं।प्रशासनिक कार्रवाई पटरी दुकानदारों के सामान हटवाने से लेकर उन पर जुर्माना लगाने तक सीमित रहती है।ज बकि सच्चाई यह है कि इन कब्जादारों पर प्रभावी कार्रवाई न हाेने से अतिक्रमण हटवाने के एक दो दिन बाद ही यह दुकानदार फिर से अपनी दुकानें सजाकर पटरियों पर कब्जा कर लेते हैं।इ सके चलते अक्सर लोग जाम से जूझते रहते हैं।
सड़क पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के खिलाफ करीब छ हमाह पहले अभियान चलाकर सख्ती बरती गई थी। जुर्माना भी लगाया गया था। बावजूद इसके अतिक्रमणकारियों ने फिर से पटरियों पर कब्जा कर लिया। इसके बाद भी जिला पंचायत के मुख्य गेट से लेकर सीएमओ कार्यालय के पास व केडी सिंह बाबू स्टेडियम के सामने दोनों पटरियों के फुटपाथों पर गाडियों की मरम्मत करने वालों के साथ पुरानी मोटरसाइकिलों की बिक्री के लिए रोड पर मोटरसाइकिल खड़ी करने से आवागमन अवरूद्व हो जाता है। यही नहीं शहर के मुख्य सडक नाका से धनोखर जाने वाले मार्ग के दाेनों ओर दुकानदारों ने फिर से फुटपाथ पर सामान सजा दिया है। इनमें धनोखर से लेकर लइया मंडी तक जो दुकाने संचालित होती हैं। उनमें अधिकतर दुकानें किराना स्टोर की हैं। ऐसे ही बेगमगंज में बक्से और अलमारी रखकर फुटपाथ पर कब्जाकर लिया गया। शाम को इन। दुकानों के सामने वाहन खड़े होने से सडक पर निकलना दुश्वार हो जाता है। ईओ नगर पालिका संजय शुक्ला ने बताया कि शहर में जल्द ही रुपरेखा बनाकर पुलिस की मौजूदगी में अतिक्रमण हटवाया जाएगा।
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