*घुमंतू समुदाय की महिलाओं के लिए लाड़की बहन योजना के शर्तों में ढील करे – दिनकर सुंदरकर*
*जन्म का कोई रिकार्ड न होने से वंचित न रहें*
(रामचंद्र मुंदाने , अमरावती संवाददाता)
घुमंतू
सामाजिक कार्यकर्ता दिनकर सुंदरकर ने जिला कलेक्टर और पालक मंत्री को लिखित बयान दिया है कि सरकार ने लाड़की बहन योजना शुरू की है, लेकिन इस योजना में कई भ्रम होने के कारण, यदि राज्य के भटकते समुदाय की महिलाओं के पास जन्म रिकॉर्ड नहीं है और स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र नही है, उन्हें इस योजना की शर्तों में ढील देनी चाहिए।
राज्य में कई समुदाय अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए और कुछ समुदाय अपने व्यवसाय के लिए राज्य में चारो ओर घूमते रहते हैं, इस बीच, यदि महिलाएं बच्चे को जन्म देती हैं, तो बाड़े, खेत ,गांव या दूर किसी स्थान पर प्रसुती होती है। इसलिए सरकारी रिकॉर्ड में जन्म तिथि और जन्म स्थान दर्ज नहीं रहनेसे बहुतसे घुमंतु लोगोके आधार कार्ड नही नीकल सके इसलीये महिला पुरुष छात्रों को लाडकी बहन योजना सहित कई लाभ से वंचीत रहना पडता है।
सामाजिक कार्यकर्ता दिनकर सुंदरकर ने एक बयान में कहा है कि सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए, अगर सेतु और सीएसस्सी केंद्रों से लाड़की बहन योजना के लिए एक अलग लिंक की घोषणा की जानी चाहिए। तो सामान्य ऐप से पंजीकरण का कोई आश्वासन नहीं है। दिनकर सुंदरकर ने कहा कि सरकार को इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.
















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