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सहारनपुर- जर्जर हो चुके पोल, भवनों व छज्जों को चिह्नित कर कार्रवाई करें: नगरायुक्त

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सहारनपुर
जर्जर हो चुके पोल, भवनों व छज्जों को चिह्नित कर कार्रवाई करें: नगरायुक्त

-मानसून के दृष्टिगत निर्माण, पथप्रकाश व जलकल विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक
सहारनपुर के नगरायुक्त संजय चौहान ने मानसून के दृष्टिगत निगम के सभी एई व जेई को निर्देश दिए हैं कि जर्जर हो चुके पोल, सरकारी या गैर सरकारी भवनों, उनके छज्जों आदि को तुरंत चिह्नित करें। निष्प्रयोज्य भवनों को अधिनियम प्रारुप के अनुसार नोटिस देकर खाली कराना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि सभी जेई जागरुक होकर एक सप्ताह पूरी तरह भ्रमणशील रहकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि निगम का पूरा तंत्र जमीन पर काम करता दिखाई देना चाहिए। हवा-हवाई से काम नहीं चलेगा। सभी एई, जेई को फील्ड में सक्रिय रहकर काम करना होगा। नगरायुक्त आज निगम के निर्माण, पथप्रकाश व जलकल विभाग के अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने निर्माण विभाग के सभी अवर अभियताओं को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में यह भी देखें कि कोई मेन होल खुला तो नहीं है, किसी मेन होल, किसी नाली या किसी सीवर में कंस्ट्रक्शन का कोई मलवा तो नहीं भरा है और उससे पानी का प्रवाह बाधित तो नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि सभी जेई अगले 48 घंटे में अपने क्षेत्र में भ्रमण कर इसका प्रमाण पत्र अधिशासी अभियंता के माध्यम से मुख्य अभियंता निर्माण को दें। यदि कही कोई पुलिया टूटी है तो उसे ठीक कराएं। नगरायुक्त ने कहा कि यदि कहीं कंस्ट्रक्शन का मलवा पड़ा है तो सम्बंधित कार्यदायी एजेंसी के अधिकारियों, सुपरवाइजर व ठेकेदार से सम्पर्क कर उसे उठवाएं और यदि नहीं उठाया जाता तो उसे जब्त कर नगर निगम लाएं। जुर्माने के बाद ही यह सामग्री रिलीज की जानी चाहिए। उन्होंने अधिशासी अभियंता अमरेंद्र गौतम से कहा कि आईसीसीसी से सम्बंधित कार्यदायी एजेंसियों पर भी यह निर्देश लागू होंगे। उन्होंने कहा कि कंस्ट्रक्शन मैटिरियल के कारण अनेक स्थानों पर पानी अवरुद्ध रहता है और शहर के लोगों को उससे परेशानी उठानी पड़ती है।
नगरायुक्त ने पूर्व बैठक में दिए गए आदेशों के अनुपालन में क्या कार्रवाई हुई इसकी जानकारी ली। नगरायुक्त ने इस बात पर नाराजगी जतायी कि 15 वें वित्त में अनेक कार्यो के टेंडर स्वीकृत होने पर भी वर्क आर्डर जारी नहीं हुए है। उन्होंने 24 घंटे के भीतर स्वीकृत सभी टेंडर के वर्क ऑर्डर जारी करने के निर्देश दिए। ताकि पब्लिक को बताया जा सके कि उनकी प्रार्थना पत्रों को गंभीरता से लेते हुए काम किया जा रहा है। 15वें वित्त में जो कार्य अभी शुरु नहीं हुए है उसके लिए सम्बंधित अधिशासी अभियंता व सहायक अभियंता का जवाब तलब तथा अवर अभियंता के स्तर पर कार्रवाई के निर्देश भी नगरायुक्त ने दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्र में कौन से बडे़ कार्य रह गए है तथा पंद्रहवें वित्त में जो कार्य रह गए हैं, उनकी जेईवार सूची बनाकर मुख्य अभियंता निर्माण को दें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कुटेशन पर कार्य करने की प्रवृत्ति समाप्त करनी होगी।
नगरायुक्त ने कार्यो की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। उन्होंने क्षतिग्रस्त रोड डिवाइडर, स्टैण्ड पोस्ट तथा पार्को के किनारे टूटी ग्रिल आदि को प्रस्ताव बनाकर तुरंत ठीक कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत एमआरएफ सेंटरों व शौचालयों के निर्माण के सम्बंध में भी जानकारी ली।
सीवर सफाई का अभियान चलाएं-
नगरायुक्त संजय चौहान ने शहर में सीवर प्रबंधन का कार्य देख रही कंपनी ववाग के सीवर नेटवर्क एवं प्लांट इंचार्ज सगोतादास व जलकल विभाग के सभी अधिकारियों से मैप के माध्यम से सीवर नेटवर्क की जानकारी ली। उन्होंने यह भी जानकारी ली कि शहर की सीवर लाइन कितनी पुरानी है। उन्होंने ववाग को जलकल विभाग के साथ समन्वय बनाते हुए सीवर सफाई का अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीवर सम्बंधी जो शिकायतें आई हैं उन्हें ध्यान में रखकर काम करें और ववाग की सारी मशीनरी को क्रियाशील करें। उन्होंने कहा कि सीवर की कोई भी सूचना आने पर उसके समाधान के लिए तुरंत कार्रवाई करें, जलकल विभाग के दोनों एई इसके लिए जिम्मेदार रहेंगे और जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता इसकी मॉनेटरिंग करेंगे। उन्होंने पब्लिक फ्रेंडली एप्रोच के साथ काम करने का सुझाव दिया।

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