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भरगामा का अस्पताल से दुर आवास रखने का मामला तूल पकडने लगा।

भरगामा का अस्पताल से दुर आवास रखने का मामला तूल पकडने लगा।

 

रिपोर्टर  ” अनिल कुमार यादव ”

ब्यूरो चीफ अररिया बिहार

 

फोटो कैप्सन:- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरगमा।

फोटो कैप्सन:- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरगामा

भरगमा (अररिया)

प्रखंड के भरगामा सामुदायिक स्वास्थ्य में पदस्थापित सरकारी चिकित्सकों का मुख्यालय से बाहर रहते है। जिस कारण लोग व्यवस्था पर सवाल उठा रहे है। बताया जाता है कि सामुदायिक भवन केंद्र में करीब आधा दर्जन चिकित्सक पदस्थापित है।बताया गया की दो चिकित्सक को छोड़ कर अन्य सभी मुख्यालय के रेंज में नहीं रहते है।
बीते बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरगामा में आयोजित रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी मामला जोर शोर से उठाया गया था।
वहीं विभिन्न राजनीतिक दल एवं स्थानीय बुद्धिजीवी भी चिकित्सा पदाधिकारियों के मुख्यालय से बाहर रहने पर नाराजगी जता रहे हैं। रोगी कल्याण समिति के सदस्य मदन प्रसाद सिंह, पुर्व प्रखंड अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, मंडल अध्यक्ष नित्यानंद मेहता,मंडल अध्यक्ष कौशल सिंह भदोरिया,रघुनंदन साह, युवा नेता बबलू कुमार रजक,बबलू सिंह, समाजसेवी ललित सिंह, समाजसेवी सुमन सिंह व अन्य ग्रामीण ने जिलाधिकारी व सिविल सर्जन से मांग किया है कि पदस्थापित सभी चिकित्सक का मुख्यालय या 10 किमी के दायरे मे आवास रखने के दिशा-निर्देश जारी करे। इन्होंने बताया सुनील कुमार व डॉ हजारी को छोड़कर करीब आधा दर्जन चिकित्सक आसपास में नहीं रहते हैं। वेलनेस सेंटर आदि जितने भी स्वास्थ्य केंद्र है उसमें चिकित्सक नहीं रहते हैं निर्धारित अस्पताल के आसपास नहीं रहने से लोगों को मरीजों को काफी असुविधा होती है। चिकित्सक लगभग 40 से 50 किलोमीटर की दूरी पर कोई सुपौल,कोई पुर्णिया में रहते हैं उनके समय पर नहीं पहुंचने से इमरजेंसी वार्ड भी उपरोक्त दोनो चिकित्सक के द्वारा देखा जाता है। गौरतलब है कि सीएचसी भरगामा से महज कुछ हीं दुरी पर एनएच 327 ई सड़क है तो सुकेला मोड से सैफगंज तक सिंगल सड़क है जिसपर लगातार दुर्घटनाग्रस्त मरीज अस्पताल पहुंचते हैं तो वहां चिकित्सक के कमी के कारण काफी परेशानी होती है।
स्थानीय वुद्धिजिवियों के बार बार कहने के बाद भी स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नजर नहीं आ रहा है। आए दिन चिकित्सकों का अस्पताल से नदारद रहना और लेट लतीफी लोगों के इलाज में बाधा बन रही है। बताया गया कि स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रखंड मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर रहती है जो समय पर नहीं पहुंच पाती है वहीं दंत चिकित्सक लंबी छुट्टी लेकर अस्पताल से अनुपस्थित है ऐसे में बेहतर स्वास्थ्य सेवा के सारे वादे की हवा निकलती दिख रही है।
समाजसेवी व ग्रामीण ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरगामा में पदस्थापित सभी चिकित्सकों का प्रखंड मुख्यालय के 10 किलोमीटर के अंदर आवास रखने की मांग की है जिससे मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिल सके।

 

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