मनोज चौधरी के 11वीं पुण्यतिथि पर छात्र-छात्राओं के मध्य नोटबुक और कलम वितरण

संवाददाता सहरसा बिहार सत्यार्थ न्यूज़
महिषी उत्तरी ग्राम पंचायत के सबसे चर्चित व युवा मुखिया के रूप में विख्यात मनोज कुमार चौधरी की ग्यारहवीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनके पैतृक आवास पर उनके चित्र पर माल्यार्पण अनेकों उपस्थित ग्रामीणों के द्वारा किया गया और स्थानीय विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं के मध्य नोटबुक और कलम उपहार स्वरूप प्रदान किया गया।इस पुण्यतिथि कार्यक्रम में 80 वर्षीय सेवानिवृत प्रधानाध्यापक भीमनाथ चौधरी ने मनोज चौधरी को महिषी सहित सहरसा जिले के एक अप्रतिम व्यक्तित्व बताया।विशेष तौर पर नई दिल्ली से आए सर्वोच्च न्यायालय के युवा अधिवक्ता ऋतुराज एवं मनोज कुमार चौधरी के सबसे कनिष्ठ भांजा ने अपने उद्बोधन में महिषी के चर्चित राजनीति हस्ती को स्मरण करते हुए कहा कि वे सच्चे अर्थ में जमीन से जुड़े सामाजिक व्यक्तित्व थे। उनके मानस पटल पर अपने समाज में एक भी प्रकार व्यक्ति और समूहों के प्रति विद्वेष की भावना नहीं थी। अपने लॉ प्रोफेशन जुड़े होने के कारण ऋतुराज ने बताया कि मामाजी की समाज की प्रति सोच और निष्ठा और दैनिक समस्याओं से रूबरू होने की क्षमता उनको महान बनाता था।वर्ष 2001 में पहली बार युवा मुखिया के रूप में निर्वाचित मुखिया मनोज कुमार चौधरी महिषी सहित कोशी क्षेत्र में कर्मठ समाज सेवी के रूप में जाने जाते रहें हैं। 32 वर्ष की आयु में विश्वविख्यात ऐतिहासिक गांव की मुखिया निर्वाचित होने के उपरांत उन्होंने महिषी की चतुर्दिक विकास की खाका को एक अलग रूप दिया जिसका परिणाम है कि आज महिषी एक महत्वपूर्ण स्थल के रूप में जाना जाता है। महिषी में राजकमल स्टेडियम का निर्माण, बिहार पर्यटन विभाग द्वारा वार्षिक श्री उग्रतारा सांस्कृतिक महोत्सव, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा आयोजित विश्व धरोहर दिवस का आयोजन ऐसे अनेकों आयोजन को महिषी में उन्होंने साकार करवाने में मुख्य भूमिका निभाई।इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी व कांग्रेस नेत्री प्रतिभा चौधरी, उनके अभिन्न मित्र, ग्रामीण सुनील कांत झा, प्रीति झा, तरुण कुमार, केशव कुमार चौधरी, सुधीर कुमार भगत, महेश कुमार, सूरज कुमार चौधरी, नेहा, अमित आनन्द, नितेश सहित दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित थे।












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