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बल्देवगढ़ जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत पिपरा बिलारी का मामला

बल्देवगढ़ जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत पिपरा बिलारी का मामला

साढ़े तीन साल में गिने-चुने दौरे, प्रमाण पत्र तक अटके; सचिव पर कार्रवाई की आहट

हटाने की मांग तेज, ग्रामीणों का फूटा आक्रोश,
निलंबन प्रस्ताव जिला पंचायत को भेजा गया

टीकमगढ़ म प्र से कविन्द पटैरिया पत्रकार की रिपोर्ट

जिले की बल्देवगढ़ जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरा बिलारी में पदस्थ सचिव रतन सिंह बुंदेला पर गंभीर लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। सरपंच रामदेवी यादव के अनुसार, बीते साढ़े तीन वर्षों में सचिव महज पांच-छह बार ही पंचायत पहुंचे हैं, जिससे पंचायत के विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

साढ़े तीन साल में गिने-चुने दौरे, प्रमाण पत्र तक अटके; सचिव पर कार्रवाई की आहट

हटाने की मांग तेज, ग्रामीणों का फूटा आक्रोश,
निलंबन प्रस्ताव जिला पंचायत को भेजा गया, टीकमगढ़। जिले की बल्देवगढ़ जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरा बिलारी में पदस्थ सचिव रतन सिंह बुंदेला पर गंभीर लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। सरपंच रामदेवी यादव के अनुसार, बीते साढ़े तीन वर्षों में सचिव महज पांच-छह बार ही पंचायत पहुंचे हैं, जिससे पंचायत के विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

स्थिति यह है कि जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में छह-छह महीने का समय बीत रहा है, लेकिन दस्तावेज जारी नहीं हो पा रहे हैं। सरपंच ने बताया कि उनकी सास हल्कन बाई यादव के निधन के बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है, जिससे परिजनों को आर्थिक सहायता और पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों ने लापरवाह सचिव को तत्काल हटाकर अन्य की पदस्थापना की मांग की है। साथ ही सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। सरपंच के मुताबिक, मामले की शिकायत जनपद पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक की जा चुकी है, लेकिन अब तक केवल तीन बार कारण बताओ नोटिस जारी कर औपचारिकता निभाई गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि लगातार अनुपस्थित रहने के बावजूद सचिव को नियमित वेतन का भुगतान किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि पंचायत में विकास कार्य दोबारा शुरू हो सकें।

पंचनामा बनाकर हटाने की मांग

लगातार अनुपस्थिति और जनसुनवाई में गैरहाजिरी से नाराज ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 13 जनवरी 2026 को आयोजित जनसुनवाई में सचिव की अनुपस्थिति के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। हर मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में भी उनकी गैरमौजूदगी बनी रही। इसके विरोध में 26 जनवरी 2026, गणतंत्र दिवस के दिन सरपंच और ग्रामीणों ने पंचायत में एकत्रित होकर सचिव को हटाने की मांग का पंचनामा तैयार किया। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव द्वारा शासन के निर्देशों की अनदेखी की जा रही है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस दौरान संजय यादव, मनोज अहिरवार, महेश यादव, रईस यादव, राजेश यादव, प्रेम नारायण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन पर की शिकायत, सचिव की अनुपस्थिति से कामकाज ठप

ग्राम पंचायत पिपरा बिलारी में पदस्थ सचिव रतन सिंह बुंदेला के खिलाफ ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव लंबे समय से पंचायत में उपस्थित नहीं हो रहे हैं, जिससे विकास कार्य और आमजन के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। शिकायतकर्ता मनोज कुमार अहिरवार ने बताया कि सचिव बीते तीन माह से पंचायत में नहीं आए हैं, जिसके कारण ग्रामीणों के कार्य अटके पड़े हैं। वहीं मुकेश यादव ने भी शिकायत में उल्लेख किया कि सचिव करीब एक माह से अनुपस्थित हैं, जिससे उन्हें व्यक्तिगत कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसी तरह रहीश यादव ने बताया कि पंचायत क्षेत्र के तीन गांवों में सचिव का आना-जाना नहीं है, जिससे लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। राम सिंह यादव ने भी शिकायत में सचिव की अनुपस्थिति से हो रही समस्याओं का जिक्र करते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

मृत्यु प्रमाण पत्र न बनने से ग्रामीण परेशान, सीएम हेल्पलाइन में शिकायत

ग्राम पंचायत पिपरा बिलारी में पंचायत सचिव की लापरवाही के चलते ग्रामीणों को बुनियादी दस्तावेज तक नहीं मिल पा रहे हैं। हालात यह हैं कि कई मृतकों के परिजनों को महीनों बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है, जिससे उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामवासियों के अनुसार, सरपंच की सास हल्कन बाई यादव का निधन 17 फरवरी को हो गया था, लेकिन अब तक उनका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। इसी तरह ग्रामीण बृजकुंवर यादव ने बताया कि उनके पति श्यामलाल यादव की मृत्यु को करीब 6 महीने बीत चुके हैं, बावजूद इसके उनका मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है। उनके दो छोटे बच्चे हैं और आर्थिक सहायता के लिए जरूरी दस्तावेज न होने से परिवार को संकट झेलना पड़ रहा है। वहीं कमला यादव का निधन 14 फरवरी को हुआ था, लेकिन उनका भी मृत्यु प्रमाण पत्र अब तक नहीं बन सका है। परिजनों का आरोप है कि पंचायत सचिव की लापरवाही के कारण उन्हें बार-बार पंचायत के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

लगातार बनी इस समस्या से नाराज ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर प्रमाण पत्र न मिलने के कारण वे विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति प्रभावित हो रही है। यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पंचायत सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि पंचायत स्तर पर लंबित कार्यों का शीघ्र निराकरण हो सके और आम लोगों को समय पर सुविधाएं मिल सके।

बॉक्स:
बैठकों से नदारद सचिव पर सख्ती, निलंबन प्रस्ताव भेजा
लगातार अनुपस्थिति और नोटिस का जवाब नहीं देने पर जनपद पंचायत बल्देवगढ़ ने कड़ा रुख अपनाया है। 21 जनवरी 2026 और 7 फरवरी 2026 की समीक्षा बैठकों से अनुपस्थित रहने पर सचिव से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
“कार्य नहीं तो वेतन नहीं” के सिद्धांत के तहत वेतन काटने की चेतावनी भी दी गई। साथ ही “संकल्प से समाधान” अभियान के तहत प्राप्त आवेदनों का पंजीयन नहीं करना और ग्राम सभा व जनसुनवाई से दूरी बनाना भी सामने आया।

मामले को गंभीर मानते हुए 12 फरवरी 2026 को सचिव के निलंबन का प्रस्ताव जिला पंचायत को भेजा गया है। साथ ही दो वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा भी की गई है। जनपद पंचायत के अनुसार, सचिव की कार्यशैली से पंचायत के शासकीय कार्य और हितग्राही योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।

इनका कहना है,

“मामला मेरे संज्ञान में आया है। इसकी जानकारी मिलते ही मैंने तत्काल ग्राम पंचायत पिपरा बिलारी के सचिव रतन सिंह बुंदेला के निलंबन की कार्रवाई हेतु प्रस्ताव जिला पंचायत को भेज दिया है।”

— निशांत भूरिया, सीईओ जनपद पंचायत बल्देवगढ़

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