Advertisement

टैक्स पेनाल्टी टेररिज्म का शिकार गरीब परिवार : जलकर के चक्रवृद्धि ब्याज ने विकलांग पति-पत्नी को धकेला बर्बादी के अंधकूप में

टैक्स पेनाल्टी टेररिज्म का शिकार गरीब परिवार : जलकर के चक्रवृद्धि ब्याज ने विकलांग पति-पत्नी को धकेला बर्बादी के अंधकूप में

20 साल पुराना बकाया बना दो लाख से अधिक का पहाड़, जनसुनवाई में फूट पड़ा दर्द — “पानी का नल कट गया तो जिंदा रहना भी मुश्किल”

कटनी। नगर निगम की जल प्रदाय व्यवस्था अब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत नहीं बल्कि अभिशाप बनती जा रही है। बकाया जल कर पर लगाए जा रहे चक्रवृद्धि ब्याज ने गरीबों की कमर तोड़ दी है। इसी क्रूर व्यवस्था की मार झेलता एक हृदयविदारक मामला कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में सामने आया, जब माधवनगर के हॉस्पिटल लाइन क्षेत्र से एक महिला अपने विकलांग पति के साथ न्याय की गुहार लेकर पहुंची।
महिला ने अधिकारियों को बताया कि उसका परिवार पिछले दो दशकों से भीषण आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। पति के विकलांग होने के कारण आय का कोई स्थायी साधन नहीं है। इसी मजबूरी के चलते वर्ष 2005 से जल कर का भुगतान नहीं हो सका। अब नगर निगम ने बकाया राशि पर चक्रवृद्धि ब्याज जोड़ते हुए कुल 2 लाख 14 हजार 894 रुपये का भारी-भरकम बिल थमा दिया है।

जनसुनवाई में महिला ने अधिकारियों के सामने मार्मिक अपील करते हुए कहा कि इतनी बड़ी राशि चुकाना उनके जैसे निर्धन परिवार के लिए असंभव है। सीमित आय और पति की शारीरिक अक्षमता के कारण परिवार का भरण-पोषण ही मुश्किल से हो पा रहा है।
पीड़िता ने आशंका जताई कि यदि बिल की राशि में राहत नहीं मिली तो नगर निगम जल कनेक्शन काट सकता है। ऐसी स्थिति में परिवार के सामने पीने के पानी तक का संकट खड़ा हो जाएगा। महिला ने प्रशासन से मानवीय आधार पर बिल में संशोधन और ब्याज में राहत देने की गुहार लगाई है।

नगर निगम द्वारा बकाया कर वसूली के लिए अपनाई जा रही कठोर नीति और चक्रवृद्धि ब्याज की भारी गणना अब सामाजिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जब कोई परिवार गरीबी, बीमारी और विकलांगता से जूझ रहा हो, तब लाखों रुपये के ब्याज का बोझ थोपना क्या प्रशासनिक न्याय कहलाएगा?
फिलहाल पीड़ित परिवार प्रशासन की संवेदनशीलता और मानवीय निर्णय का इंतजार कर रहा है। लेकिन यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ गई है—क्या व्यवस्था गरीब की मजबूरी समझेगी, या नियमों का पहाड़ उसके जीवन को ही कुचल देगा ?

सख्त वसूली कार्यवाही में अब कुर्की होगी या चलेगा बुलडोजर ?

ननि की राजस्व आय को बढ़ाने वाले सख्त टेक्स टेरेरिज्म पेनाल्टी प्रावधान बनाने वाली लोकहितकारी परिषद के जनप्रतिनिधि अफसरान के आगे अब यक्ष प्रश्न है कि अपाहिज परिवार से वसूली करने के लिए कौन से सख्त कदम उठाए जाएं l किसी भी दोषी को किसी क़ीमत पर बख्शा नहीं जाएगा के सनातनी और कल्याणकारी सिद्धांतों पर चलने वाला ट्रिपल एंजिन सिस्टम के पास सीमित विकल्प ही शेष रह जाते हैं जिनमें वह बकाया टेक्स की वसूली के लिए या तो बकायादार दोषी के महलधाम की कुर्की की जाए उसे नीलाम कराया जाए अथवा बुलडोजर से नेस्तनाबूद कर दिया जाए l प्रबुद्ध जनप्रतिनिधि , अनुशासित अफसर अवश्य इस पर गंभीर मंत्रणा में जुटे होंगे समाज और नागरिक अगले प्रभावशाली कदमों की प्रतीक्षा कर रहे हैं l

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!