स्वास्थ्य विभाग में ढुलमुल नीति और लचर व्यवस्था कायम।
सुपौल बिहार से ब्यूरो चीफ पंकज कुमार

सुपौल जिला अंतर्गत पिपरा प्रखंड क्षेत्र के थुमहा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर सप्ताह में चौबीस घंटे प्रसव की सुविधा उपलब्ध हो इस कार्य को सुदृढ करने के लिए सरकार द्वारा समुचित व्यवस्था की गई है। इसके लिए यहाँ पर करीब तीन वर्ष पूर्व बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के द्वारा जीएनएम और एएनएम को पदस्थापित किया गया। इसके बावजूद भी यहाँ पर स्वास्थ्य कर्मी की घोर कमी है। नाम न प्रकाशित करने के आश्वासन पर लोगों ने आगे बताते हुए कहा कि जीएनएम शिम्पी सिंह और रंजना भारती वरीय पदाधिकारी के मिलीभगत के कारण पदस्थापित केन्द्र, थुम्हा को छोड़कर अपने मन माफिक स्थान पर कार्य करती है जो अवैध है। ज्ञात हो कि सरकारी नियमानुसार किसी भी राज्य कर्मी की प्रतिनियुक्ति करना जिला या प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारी के अधिकार क्षेत्र से बाहर होता है। लेकिन सम्बन्धित पदाधिकारी अपने अधिकार का प्रयोग कर जीएनएम के मन के मुताबिक अन्यत्र प्रतिनियुक्त कर देते हैं।

आलम यह है कि कमोबेश इस परिक्षेत्र के सभी केन्द्र पर जीएनएम और एएनएम नदारद रहती है। वही कुछेक केन्द्र खुलते भी नहीं हैं। जिससे इस परिक्षेत्र के गर्भवती महिलाओं की प्रसव एवं प्रसवोपरान्त स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ती है। पदाधिकारी तो केन्द्र का जाँच करते हैं लेकिन सिर्फ खानापूर्ति तक ही सीमित रह जाता हैं। वहीं स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिनियुक्ति एएनएम सरिता कुमारी ने बताया कि मेरा प्रतिनियुक्ति स्वास्थ्य केंद्र निर्मली में है। लेकिन मुझे 2023 ई से ही यहां प्रतिनियुक्ति कर दिया गया है तब से हम यही डूयटी करते हैं। स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डाक्टर श्वेता श्रीवास्तव ने बताया कि जीएनएम सिंपी सिंह एवं रंजना भारती यहां ड्यूटी नहीं कर रही है ड्यूटी कहां करती है इसकी जानकारी मुझे नहीं है। अब सवाल उठता है कि किसी एएनएम की ड्यूटी अगर थुमहा प्राथमिक उप स्वास्थ्य केन्द्र पर है तो वो दूसरे जगह किस आधार पर ड्यूटी करती है यह बड़ा सवाल है। हालांकि मामले को लेकर विस्तृत जानकारी के लिए सिविल सर्जन से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि स्टाप की कमी होने के कारण ऐसा किया गया था अब स्टाप एवलेबल हो चुका है अब जिसकी नियुक्ति जहां की है वहीं उसको कर दिया जाएगा

















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