एनसी स्टाफ डबवाली की मेडिकल नशे की खरीद फरोख्त करने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
रिपोर्टर इन्द्र जीत कालावाली सिरसा

मेडिकल संचालक के घर व मेडिकल से 01 लाख 05 हजार 780 नशे में प्रयुक्त होने वाली नशीली गोलिया व कैप्सूल बरामद
ड्रग विभाग के साथ की गई संयुक्त कार्रवाई में मंडी डबवाली स्थित सुधीर मेडिकोज किया गया सील
डबवाली 10 जनवरी । डबवाली क्षेत्र में नशा तस्करों/मेडिकल संचालकों के खिलाफ चलाये जा रहे विशेष अभियान में एएनसी स्टाफ डबवाली व ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने मेडिकल नशे पर कड़ा शिकंजा कसने में कामयाबी हासिल की है । मेडिकल नशे पर अंकुश लगाने व जीवन रक्षक दवाइयों की आड में कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए एएनसी प्रभारी एएसआई रणजोध सिंह ने ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर सुनील कुमार के साथ मलोट रोड़ पर स्थित सुधीर मेडीकोज पर रेड कर नशे में प्रयुक्त होने वाली गोलियां व कैप्सूल बरामद कर मेडिकल सील किया गया और मेडिकल संचालक कपिल पुत्र सुधीर कुमार वार्ड न. 02 मंडी डबवाली के खिलाफ कार्रवाई की गई ।

इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए प्रभारी एएनसी स्टाफ डबवाली एएसआई रणजोध सिंह ने बताया कि मेडिकल नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कार्यवाही करते हुए उन्होंने अपनी टीम के साथ विश्वसनीय सूत्रों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए औषधि नियंत्रण अधिकारी सुनील कुमार के साथ मिलकर सुधीर मेडीकोज पर रेड की । जो रेड के दौरान मेडिकल से मिली नशे में प्रयुक्त होने वाली 200 गोलियां टेम्पेन्टाडोल, 45 कैप्सूल प्रेगाबलीन व 45 गोलियां एलजोप्रोक्स को डीसीओ सिरसा द्वारा कब्जे में लेकर मेडिकल को सील किया गया और संचालक के खिलाफ कार्रवाई की गई ।
जब मेडिकल संचालक से इन गोलियों व कैप्सूल बारे गहनता से पूछताछ करने पर पुलिस टीम ड्रग विभाग के साथ मेडिकल संचालक कपिल के वार्ड न. 02 में स्थित मकान में पहुंची और रेड की तो वहां से भारी मात्रा में गोलियों व कैप्सूलों का स्टॉक मिला । छापेमारी में 10,950 गोलियां टेम्पेन्टाडोल, 23,770 कैप्सूल प्रेगाबलीन व 70,770 गोलियां एलजोप्रोक्स बरामद हुई , जिन्हें डीसीओ सिरसा द्वारा कब्जा में लिया गया ।
एएनसी प्रभारी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि मेडिकल स्टोर की आड में दवाओं की कालाबाजारी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा ।
डबवाली पुलिस द्वारा निरंतर मेडिकल एसोसिएशन एवं दवा विक्रेताओं से संपर्क स्थापित कर उन्हें पुलिस का सहयोग करने को कहा जा रहा है ताकि दवा विक्रेता नशीली गोलियों को बिना किसी डाक्टरी सलाह एवं पर्ची के किसी को भी न दें । इसके अलावा कई नशीली गोलियां एन.डी.पी.एस. एक्ट में नहीं आतीं इसलिए इन गोलियां का अक्सर नशे में प्रयोग हो रहा है । पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आमजन के सहयोग से मेडिकल नशा बेचने वालों पर पैनी नजर रखें । अगर किसी मेडिकल स्टोर संचालक की नशा बेचने में संलिप्तता पाई जाए तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें ।

















Leave a Reply