विश्व ध्यान दिवस समारोह | सनातन संस्कार विद्या गुरुकुलम
लेखिका : मोनिका गुप्ता

विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर सनातन संस्कार विद्या गुरुकुलम में बच्चों और माताओं के लिए एक विशेष ध्यान (Meditation) सत्र का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना था कि ध्यान केवल बड़ों के लिए ही नहीं, बल्कि बच्चों और माताओं के मानसिक, शारीरिक एवं भावनात्मक विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के लिए आर्ट मेडिटेशन सत्र आयोजित किया गया, जिसे शिक्षिका मोनिका गुप्ता द्वारा संचालित किया गया। इस सत्र में बच्चों ने पूर्ण मौन के साथ कला के माध्यम से ध्यान का अनुभव किया। कक्षा में केवल बच्चे और उनकी कला थी—बिना किसी शोर के। यह अनुभव बच्चों के लिए नया, शांत और आत्मिक था। इसके पश्चात ब्रीदिंग टेक्नीक विद मेडिटेशन करवाई गई, जिसमें कई बच्चों ने पहली बार अपनी श्वास को सचेत रूप से महसूस किया। संस्कार कक्षाओं में बच्चे पहले से ही श्लोक, गीता पाठ और हनुमान चालीसा का अभ्यास करते आ रहे हैं, किंतु ध्यान के माध्यम से उन्होंने आंतरिक शांति को गहराई से अनुभव किया।

कार्यक्रम का दूसरा चरण माताओं के लिए समर्पित रहा। यह मान्यता है कि “जब माँ स्वस्थ होती है, तभी परिवार सुखी और संस्कारी बनता है।” सनातन संस्कार विद्या गुरुकुलम में माताओं के लिए प्रतिदिन ऑनलाइन योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिन्हें योग गुरु अमरदीप द्वारा संचालित किया जाता है। विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर तीन माह के प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम का समापन परीक्षण संपन्न हुआ, जिसके पश्चात विशेष ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। माताओं ने मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल का अनुभव साझा किया।

यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सतत संस्कार यात्रा का हिस्सा है। गुरुकुलम का संकल्प है—
“हर घर गुरुकुल – हर मन संस्कारी।”
ध्यान, योग, कला और संस्कार के माध्यम से समाज में संतुलित, शांत और संस्कारित पीढ़ी का निर्माण करना ही सनातन संस्कार विद्या गुरुकुलम का उद्देश्य है।


















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