जिला पदाधिकारी कैमूर की अध्यक्षता में POSH Act, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कार्यशाला का किया गया आयोजन
कैमूर/बिहार
सत्यार्थ न्यूज ब्यूरो चीफ, सत्यम कुमार उपाध्याय

कैमूर। खबर कैमूर जिला का है। जहां जिला पदाधिकारी, कैमूर नितिन कुमार सिंह की अध्यक्षता में माँ मुंडेश्वरी सभागार में कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। वही कार्यशाला में जिले के ऐसे निजी कार्यालयों, संगठनों, संस्थानों, उपक्रमों, उद्यमों, स्थापनाओं, कमर्शियल सेवा प्रदाताओं, गैर-सरकारी संगठनों, पेशेवर एवं व्यावसायिक मनोरंजन स्थलों, शिक्षण संस्थानों, औद्योगिक एवं स्वास्थ्य सेवाओं, वित्तीय गतिविधियों से संबंधित संस्थानों, जिनमें उत्पादन, आपूर्ति, बिक्री, वितरण अथवा सेवा का कार्य किया जाता है, अस्पताल एवं नर्सिंग होम, खेल संस्थान, स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, खेल एवं प्रतियोगिता स्थल (चाहे आवासीय हों या प्रशिक्षण प्रयोजन में प्रयुक्त), जहाँ 10 या उससे अधिक कर्मी कार्यरत हैं, को अनिवार्य रूप से आंतरिक शिकायत समिति (Internal Committee) के गठन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। वही कार्यक्रम में बताया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित सिविल अपील संख्या–2482/2014 के अनुश्रवण के आलोक में ऐसे सभी कार्यस्थलों में नियमानुसार आंतरिक समिति का गठन किया जाना अनिवार्य है। साथ ही, गठित आंतरिक समिति का विवरण महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के पोर्टल

www.shebox.wcd.gov.in
पर अपलोड करना आवश्यक है। इसी विषय पर व्यावहारिक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु यह कार्यशाला आयोजित की गई। बता दें कि कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास निगम की राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (SPM) श्रीमती अंकिता कश्यप द्वारा POSH Act, 2013 की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने अधिनियम की परिभाषा, उद्देश्य, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के विभिन्न स्वरूप, शिकायत की प्रक्रिया, आंतरिक समिति की संरचना, उसकी भूमिका, समय-सीमा, गोपनीयता, दायित्व एवं दंडात्मक प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही SHe-Box पोर्टल पर पंजीकरण एवं अपलोड की प्रक्रिया को भी सरल शब्दों में समझाया गया। वही अपने अध्यक्षीय संबोधन में जिला पदाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने कहा कि POSH Act का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने सभी सरकारी एवं निजी संस्थानों को निर्देश दिया कि वे अधिनियम के प्रावधानों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें, आंतरिक समिति का गठन समयबद्ध ढंग से करें तथा शिकायतों के निस्तारण में पूर्ण निष्पक्षता एवं संवेदनशीलता बरतें। वही कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त (DDC), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (ICDS), जिला परियोजना प्रबंधक (WCDC) सहित विभिन्न सरकारी एवं निजी संस्थानों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। यह कार्यशाला जिले में POSH Act, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

















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