Advertisement

बांसवाड़ा जिले में पढ़ने-लिखने की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में चार दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन

http://satyarath.com/

बांसवाड़ा जिले में पढ़ने-लिखने की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में चार दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन

बांसवाड़ा 
संवाददाता पूर्णानंद पांडे य

अंबेडकर भवन कुशलबाग में दिनांक 17 मार्च से 20 मार्च 2024 तक आयोजित किया जा रहा है। जिसमें विभिन्न प्रकाशकों जैसे- नीलकमल, एकलव्य, एकतारा एनबीटी, सीबीटी, ज्ञानभारती, लोकायत, जैसे प्रकाशकों की 10 हजार से अधिक पुस्तकों का प्रदर्शन किया जाएगा। नगर-वासियों, स्कूल संचालक, शिक्षकों को उम्र और कक्षानुसार विभिन्न प्रकार के बाल साहित्य की पुस्तकों को एक ही जगह खरीदने का सुनहरा अवसर रहेगा।
इसके साथ ही शिक्षकों, युवाओं और स्कूली छात्र/छात्राओं के सीखने के लिए गणित, विज्ञान, भाषा और चित्रकला आदि के अलग-अलग स्टॉल लगाए गए है। इन स्टॉलों पर खेल-खेल में भाषा, गणित और विज्ञान की अवधारणाओं को बच्चों को समझने का अवसर मिलेगा।
आज प्रथम दिवस नगरवासियों के द्वारा मेले का अवलोकन किया गया। कई नगरवासियों ने अपनी-अपनी पसंद की पुस्तकें मेले से खरीदी। शरवासियों के द्वारा अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के इस प्रयास की सराहना की गई। लोगो का कहना था कि अभी तक उन्होंने सिर्फ पुस्तक मेले के वारें में सुना था। पहली वार किसी पुस्तक मेले को देख रहे है। बांसवाड़ा में कभी भी पुस्तक मेले का आयोजन नहीं हुआ है यह पहलीवार है कि इसते बड़े स्तर मेले में विभिन प्रकाशकों की अलग-अलग विषयों की इतनी पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया हो । लोगों में मेले में विभिन्न स्टाल और पुस्तकों की प्रदर्शनी देखने में काफी उत्साह नजर आया। कई पुस्तक प्रेमियों द्वारा अपने-अपने अनुभव साझा किए कि उनकी रुची पुस्तक पढ़ने में कैसे जागी। कैसे वे महीनों पसंदीदा पत्रिका का इंतजार करते थे, कामिक्स किराये पर लेकर पढ़ते थे। कुछ लोगों का कहना था कि बांसवाड़ा में विभिन्न तरह की पुस्तकों की कोई अच्छी दुकान भी नहीं है जहां से पुस्तक प्रेमी पुस्तकों को खरीद सकें। इस मेले में शयाद उन पुस्तक प्रेमियों की तलाश पूरी हो सकती है। सबका ये भी मानना था कि मोबाईल के इस युग में लोग पुस्तक पढ़ने से दूर होते जा रहे है फाउंडेशन का यह प्रयास निश्चित ही पढ़ने की संस्कृति को जिले में बड़ावा देगा।
प्रतिदिन पुस्तक मेले में शाम को सांस्कृतिक कार्यकर्मों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बांसवाड़ा के विभिन्न समूह प्रस्तुति देंगे।
सांयकालीन कार्यक्रम
18 मार्च शाम 5 बजे एकलव्य लोकगीत समूह द्वारा वागड़ क्षेत्र के लोकगीत और लोक नृत्य का प्रदर्शन करेंगे।
19 मार्च को बाल साहित्य पर अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन सदस्य मोहम्मद उमर, मेदिया डिन्डोर स्कूल के शिक्षक विजय प्रकाश जी विमर्श करेंगे।
20 मार्च को वागड़ी कवि सम्मेलन और पुस्तक विमोचन कार्यक्रम शाम 4:30 बजे किया जाएगा। जिसमें वागड़ क्षेत्र के कवियों द्वारा अपनी काव्य रचनाओं का पाठ किया जाएगा।
कार्यक्रम कि अधिक जानकारी के लिए QR code स्कैन करें

https://satyarath.com/

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!