(दुद्धी सोनभद्र रिपोर्ट नितेश कुमार)
विंढमगंज थाना क्षेत्र के ग्राम महुली महुअरिया टोला में शंकर झंकार नाट्य कला परिषद द्वारा आयोजित नाट्य महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि सुरेंद्र अग्रहरि गुरुजी, पूर्व जिला महामंत्री भाजपा, विशिष्ट अतिथि जुबेर आलम, जिला पंचायत सदस्य बाघडू तथा वरिष्ठ समाजसेवी राजू शर्मा ने फीता काटकर नाट्यकला मंचन का उद्घाटन किया।
समिति के अध्यक्ष अरविंद जायसवाल (ग्राम प्रधान महुली) ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और दर्शकों को संबोधित किया। मुख्य अतिथि सुरेंद्र अग्रहरि गुरुजी ने कहा कि मंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज के भीतर छिपी सच्चाइयों और संवेदनाओं का दर्पण है। कलाकार जब मंच पर उतरता है, तो वह सिर्फ अभिनय नहीं करता, बल्कि समाज में जागरूकता और परिवर्तन की ज्वाला प्रज्वागत करता है।
विशिष्ट अतिथि जुबेर आलम ने कहा कि कला समाज में समानता और सौहार्द का संदेश देती है। यह किसी धर्म, जाति या वर्ग में भेदभाव नहीं करती। इस परिषद ने ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देकर उनमें आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना पैदा की है।
कार्यक्रम के पहले दिन ‘प्यार का सागर उर्फ कुदरत का करिश्मा’ का भावनात्मक मंचन हुआ। कथा में दो राजकुमारियों का जंगल में अपहरण होता है, जिसे एक गरीब युवक बचाता है। राजा उसकी निष्ठा देखकर अपनी पुत्री का विवाह उसी युवक से कर देता है। नाटक ने दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में पदाधिकारी, समाजसेवी और दर्शक उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं- क्लामुदीन सिद्दीकी, डॉ. बद्रे आलम, बुधनाथ कन्नौजिया, विनोद कन्नौजिया, चंद्रप्रकाश प्रजापति, अन्नत सिंह गोंड, विनय कुमार कन्नौजिया, दयाराम कन्नौजिया, राजनाथ गोस्वामी, धर्मेंद्र गुप्ता, एकलाख, समिति संरक्षक शिवदास शर्मा, प्रबंधक प्रदीप जायसवाल, कोषाध्यक्ष भगवानदास कन्नौजिया, सचिव दिलीप कुमार जायसवाल, राजेश कुमार शर्मा, लालमणि शर्मा, अवधेश कुमार शर्मा, उदय शर्मा, जसवंत शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी और आम दर्शक उपस्थित रहे ¹।


















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