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भावपूर्ण विदाई: पांढुर्णा ने अलविदा कहा अपने प्रथम कलेक्टर अजय देव शर्मा को

भावपूर्ण विदाई: पांढुर्णा ने अलविदा कहा अपने प्रथम कलेक्टर अजय देव शर्मा को

नवगठित जिले के प्रथम कलेक्टर की विदाई में उमड़े भावनाओं के सैलाब ने छुआ दिलों को

संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

जनसेवा, समर्पण और सुशासन के प्रतीक रहे कलेक्टर शर्मा ने प्रशासनिक नींव रखी; विदाई समारोह में नागरिक, जनप्रतिनिधि और पत्रकार रहे उपस्थित

पांढुरना – जिला पांढुर्णा के प्रथम कलेक्टर श्री अजय देव शर्मा (आईएएस) का विदाई समारोह आदित्य होटल में संपन्न हुआ। यह अवसर केवल एक अधिकारी स्थानांतरण पर विदा करने का नहीं था, बल्कि एक ऐसे प्रशासक के प्रति सम्मान एवं भाव व्यक्त करने का था, जिन्होंने जिले की प्रशासनिक नींव रखी और जनता की सेवा को सर्वोपरि माना।

समारोह में अधिकारी, जनप्रतिनिधि,व्यवसाई, समाजसेवी, पत्रकार और नागरिक उपस्थित रहे। हर वक्ता के शब्दों में कलेक्टर के प्रति कृतज्ञता और स्नेह झलक रहा था।

कलेक्टर अजय देव शर्मा का उद्बोधन*पांढुर्णा मेरी प्रशासनिक यात्रा की नींव
अपने विदाई संबोधन में कलेक्टर शर्मा ने कहा कि पांढुर्णा उनके लिए सिर्फ जिला नहीं, बल्कि प्रशासनिक जीवन की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा:
“जब यहाँ कोई प्रशासनिक ढांचा नहीं था, तब लोगों के सहयोग और जागरूकता ने हमें दिशा दी। फाइलों से ज्यादा जरूरी जमीनी हकीकत को समझने का अनुभव यहाँ मिला।”

ग्रामीण जनता की सक्रिय भागीदारी ने जनोन्मुखी निर्णयों को संभव बनाया। उन्होंने पांढुर्णा की जनता को “सच्चे भागीदार” का दर्जा दिया। विभिन्न विकास कार्यों के अंतर्गत उन्होंने भूली जलाशय के बारे में भी बताया जो अब अंतिम चरण में है।

पुलिस और प्रशासन का उत्कृष्ट तालमेल: पुलिस अधीक्षक

पुलिस अधीक्षक सुंदर सिंह कनेश ने कहा कि कलेक्टर सर का सरल और सहयोगी स्वभाव प्रशासकीय कार्यों को सहज बनाता था। “कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक फोन कॉल पर्याप्त होता था। प्रशासन और पुलिस हमेशा टीम की तरह काम करते थे।”

नगर पालिका अध्यक्ष संदीप घाटोंड़े

कलेक्टर साहब ने पद की गरिमा के साथ जनसेवा का धर्म निभाया। जूनेवानी डैम में रात दो बजे संकट आने पर तत्काल कार्रवाई करना उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।”

समाजसेवी उज्जवल सिंह चौहान

कलेक्टर सर ने पांढुर्णा में केवल कार्यालय नहीं, विश्वास की नींव रखी। प्रशासनिक रूप से दूर जा रहे हैं, पर भावनात्मक रूप से हमेशां हमारे हैं।”

वरिष्ठ पत्रकार उमेश पाल

विदाई में गम और खुशी का दोनों ही हो रही है। गम इस बात का कि प्रथम संरक्षक खो गए, खुशी कि उच्च पद पर स्थापित हुए।

श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष सचिन गुड्डू कावले

कलेक्टर सर ने मीडिया को प्रशासन का सहयोगी माना। हर खबर का गंभीरता से संज्ञान लिया और त्वरित समाधान सुनिश्चित किया। उनका संवादशील व्यवहार मिसाल है।

इस अवसर पर जाम सांवली पद यात्रा समिति और आदित्य क्लब के सदस्यों ने भी पुष्प हार और स्मृति चिन्ह से कलेक्टर महोदय का सम्मान किया।

* विदाई का समापन

समारोह के अंत में शहरवासियों ने कलेक्टर को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर विदाई दी। तालियों की गूंज और भावनाओं ने सभा स्थल को भावुक कर दिया।

भावपूर्ण विदाई

यह विदाई साबित कर गई कि जब प्रशासनिक जिम्मेदारी मानवीय संवेदनशीलता और जनसंपर्क से जुड़ती है, तो वह अमिट छाप छोड़ती है।

पांढुर्णा ने अपने प्रथम कलेक्टर को अश्रुपूरित शुभकामनाओं के साथ विदा किया। जिला पांढुरना के प्रथम कलेक्टर के रूप में श्री अजय देव शर्मा को हमेशा याद किया जाएगा।

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