(दुद्धी सोनभद्र रिपोर्ट नितेश कुमार)
विंढमगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत में असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक विजयदशमी का पर्व महुली में हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। दुद्धी ब्लॉक अंतर्गत श्री राजा बरियार शाह खेल मैदान में आयोजित श्रीरामलीला के अंतिम दिवस रावणवध लीला का मंचन देखने हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी।रावणवध लीला का मंचन में दिखाया गया कि किस प्रकार भगवान श्रीराम और रावण के बीच भयंकर युद्ध हुआ।
युद्ध के दौरान रावण का अंत कठिन प्रतीत हो रहा था, तभी रावण के भाई विभीषण ने श्रीराम को उसकी कमजोरी बताई। विभीषण ने बताया कि रावण की नाभि ही उसका जीवन केंद्र है। विभीषण की बात पर श्रीराम ने अग्निबाण साधकर रावण की नाभि पर प्रहार किया, और अभिमानी रावण का वध कर दिया।पुतला दहन और मेला जैसे ही मैदान में रावण का विशालकाय पुतला धू-धू कर जलने लगा, पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। अनुमानित पाँच से दस हजार की भीड़ इस अद्भुत दृश्य की साक्षी बनी। पुतला दहन के बाद दशहरे का मेला और भी जीवंत हो उठा। बच्चे गुब्बारे, खिलौने, झूले और चाट-पकौड़ी का आनंद उठाते दिखे, वहीं बड़ों ने गुड़ की जलेबी, खुरमा और पियाव का स्वाद चखा।कार्यक्रम की सफलता कार्यक्रम की सफलता और शांति व्यवस्था के लिए विंढमगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह एवं उप निरीक्षक शेषनारायण पांडेय ने अपनी पुलिस टीम के साथ लगातार मुस्तैद रहे।
उनकी देखरेख में विजयदशमी का पर्व सकुशल संपन्न हुआ।आयोजन समिति की भूमिका इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में रामलीला समिति अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान महुली अरविंद जायसवाल, उपाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार कन्नौजिया, कोषाध्यक्ष अमित कुमार कन्नौजिया, प्रबंधक विजेंद्र कन्नौजिया, जितेंद्र जौहरी, राजनाथ गोस्वामी सहित समिति के सभी पदाधिकारियों की सराहनीय भूमिका रही। ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल ने रावण के पुतले का निर्माण कराया और रामलीला मंडली के सभी पात्रों को सम्मानित किया।सामाजिक सौहार्द और उत्सवधर्मिता का अद्भुत उदाहरण विजयदशमी का यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक सौहार्द और उत्सवधर्मिता का अद्भुत उदाहरण भी बन गया।
महुली में धूमधाम से मनाया गया विजयदशमी का पर्व


















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