अंकुर कुमार पाण्डेय
रिपोर्ट सत्यार्थ न्यूज
वाराणसी
वाराणसी – हाईकोर्ट के आदेशअनुसार अब से पुलिस अभिलेखों और साइनबोर्ड्स पर जाति अंकन अब बंद हाईकोर्ट के आदेश के बाद यूपी सरकार सख्त बढ़ती

उत्तर प्रदेश सरकार ने जातिवाद समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के सभी पुलिस अभिलेखों में अब अभियुक्तों की जाति का उल्लेख नहीं किया जाएगा* और *साइनबोर्ड्स व सार्वजनिक संकेतों पर जातीय महिमामंडन पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।यह निर्देश मा० उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के आदेश के बाद जारी किए गए हैं। क्रिमिनल मिस. अप्लीकेशन 482 संख्या-31545/2024 प्रवीण छेत्री बनाम उ०प्र० राज्य व अन्य मामले में 16.09.2025 को दिए गए आदेश के आधार पर यह कदम उठाया गया है।सरकार ने साफ किया है कि समाज में व्याप्त जातिगत विभेदकारी प्रवृत्तियों को समाप्त करने के लिए यह आवश्यक है कि *पुलिस अभिलेखों एवं सार्वजनिक संकेतों में जाति आधारित अंकन व प्रदर्शन पर रोक* लगाई जाए और *जातीय संघर्ष को प्रेरित करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई* की जाए।यह कदम उत्तर प्रदेश सरकार की घोषित नीति – “सर्वसमावेशी, संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप व्यवस्था” – की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
मुख्य बिंदु:
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पुलिस रिकॉर्ड्स में अब अभियुक्तों की जाति का उल्लेख नहीं होगा।
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वाहनों, सार्वजनिक स्थलों, साइनबोर्ड्स व सोशल मीडिया पर जातीय महिमामंडन पर रोक।
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जातीय संघर्ष प्रेरित करने वालों पर सख्त कार्रवाई।
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यह फैसला सामाजिक समरसता की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है।
















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