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सरपंच के संरक्षण में तांडव: कटनी के ताली रोहनिया में रेत माफिया ने ट्रांसफॉर्मर गिराने की धमकी दी, बिजली आपूर्ति पर संकट

सरपंच के संरक्षण में तांडव: कटनी के ताली रोहनिया में रेत माफिया ने ट्रांसफॉर्मर गिराने की धमकी दी, बिजली आपूर्ति पर संकट

*कटनी, 11 सितंबर 2025 ( संवाददाता):* मध्य प्रदेश के कटनी जिले की बरही तहसील के कोठिया मुहगवा ग्राम पंचायत अंतर्गत ताली रोहनिया क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का काला कारोबार सरेआम फल-फूल रहा है। सरपंच के कथित संरक्षण में रेत चोरों का गिरोह नदी किनारे धड़ल्ले से रेत लोडिंग कर रहा है, जिससे पर्यावरणीय क्षति के साथ-साथ अब बुनियादी सुविधाओं पर भी खतरा मंडरा रहा है। हाल ही में आम के पेड़ों को गिराकर रेत लोडिंग का रास्ता साफ किया गया था, वहीं अब नया निशाना बिजली का ट्रांसफॉर्मर बन चुका है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि मना करने पर चोरों ने खुलेआम धमकी दी है कि वे इसी तरह बेखौफ रेत बेचते रहेंगे और किसी से नहीं डरेंगे। यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो ट्रांसफॉर्मर गिराने की साजिश सफल हो सकती है, जिससे करंट लगने जैसी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

घटना का पूरा ब्यौरा: पेड़ों से ट्रांसफॉर्मर तक खतरा
ग्रामीणों के अनुसार, ताली रोहनिया में उमर नदी के किनारे पिछले कई दिनों से अवैध रेत उत्खनन का धंधा जोरों पर है। रेत माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉली से नदी तट से रेत खोदकर लोड कर रहे हैं, जो न केवल नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि स्थानीय किसानों की फसल और जलस्तर को भी प्रभावित कर रहा है। पहले चरण में चोरों ने नदी किनारे लगे कई आम के पेड़ों को जड़ से काट दिया था, ताकि लोडिंग के लिए जगह बन सके। ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया, तो उन्हें धमकियां मिलीं। लेकिन अब मामला और गंभीर हो गया है।

गांव में हाल ही में लगाया गया बिजली का नया ट्रांसफॉर्मर, जो दर्जनों घरों की बिजली आपूर्ति का केंद्र है, अब माफिया के निशाने पर है। ट्रांसफॉर्मर के ठीक सामने से रेत लोडिंग का सिलसिला चल रहा है, और चोरों ने इसे गिराने की तैयारी शुरू कर दी है। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हमने मना किया तो वे बोले- हम इसी तरह खुलेआम रेत बेचेंगे। जो करना हो कर लो, हम किसी से नहीं डरते। ट्रांसफॉर्मर को गिराने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।” ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच महोदय इस कारोबार के पीछे हैं, और उनकी मिलीभगत के बिना इतना खुला धंधा संभव नहीं। यदि ट्रांसफॉर्मर गिर गया तो करंट के संपर्क में आने से जानलेवा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरपंच और स्थानीय अधिकारियों पर होगी।

ग्रामीणों की चीख: प्रशासन की लापरवाही से बढ़ा खतरा
ताली रोहनिया के निवासियों ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है। पिछले वर्ष भी इसी तरह रेत चोरी की शिकायतें दर्ज की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब ट्रांसफॉर्मर पर खतरे ने पूरे गांव को दहशत में डाल दिया है। एक बुजुर्ग किसान ने कहा, “नदी किनारे हमारी आजीविका पर असर पड़ रहा है, और अब बिजली भी जा सकती है। तहसीलदार साहब और एसडीएम को शिकायत दी, लेकिन मौके पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। यदि कोई हादसा हुआ तो यह उनकी नाकामी होगी।” ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कटनी को ज्ञापन देने की चेतावनी दी है और तत्काल एक्शन की मांग की है।

पर्यावरण और कानून का उल्लंघन: माफिया का राज
विशेषज्ञों के अनुसार, अवैध रेत उत्खनन न केवल खनन विभाग के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत भी अपराध है। नदी तटों पर अंधाधुंध खुदाई से भू-क्षरण बढ़ता है, जो बाढ़ के जोखिम को दोगुना कर देता है। कटनी जिले में रेत माफिया का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है, और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों की संलिप्तता से कार्रवाई रुक जाती है। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलने पर टीम भेजी जाती है, लेकिन इस मामले में अभी कोई रिपोर्ट नहीं आई।

प्रशासन से अपील: तत्काल कार्रवाई जरूरी
ग्रामीणों ने मांग की है कि बरही तहसील प्रशासन और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे, रेत लोडिंग पर रोक लगाएं और सरपंच समेत दोषियों पर एफआईआर दर्ज करें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो गांववासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। कटनी जिला प्रशासन से संपर्क करने पर कहा गया कि शिकायत की जांच की जा रही है, और जल्द कार्रवाई होगी। लेकिन ग्रामीणों का विश्वास टूट चुका है। क्या यह सिर्फ एक और शिकायत बनकर रह जाएगी, या प्रशासन सख्ती दिखाएगा? समय ही बताएगा।

(यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और ग्रामीणों के बयानों पर आधारित है। कोई भी पक्ष अपनी बात रखना चाहे तो संपर्क करें।)

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