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रक्षा मंत्रालय के आदेशों पर विवाद: सचिव (रक्षा उत्पादन) को अवमानना नोटिस

रक्षा मंत्रालय के आदेशों पर विवाद: सचिव (रक्षा उत्पादन) को अवमानना नोटिस

कटनी, 11 सितंबर 2025: नए रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (डीपीएसयू) में कर्मचारियों की सेवा शर्तों को लेकर रक्षा मंत्रालय और आयुध निर्माणी कर्मचारियों के बीच विवाद गहरा गया है। ऑल इंडिया डिफेंस इम्प्लॉइज फेडरेशन (एआईडीईएफ) ने सचिव (रक्षा उत्पादन) को मद्रास उच्च न्यायालय के आश्वासनों के उल्लंघन का हवाला देते हुए अवमानना नोटिस जारी किया है। एआईडीईएफ के नेता शिव पाण्डेय ने बताया कि रक्षा मंत्रालय के 4 अगस्त और 28 अगस्त 2025 के आदेशों ने आयुध कारखानों के रक्षा असैन्य कर्मचारियों की सेवा शर्तों से संबंधित न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन किया है।
एआईडीईएफ अध्यक्ष एस.एन. पाठक और महासचिव सी. श्रीकुमार ने कर्मचारियों को सूचित किया कि सरकार ने हलफनामों के माध्यम से वचन दिया था कि सात नए डीपीएसयू में कर्मचारी डीम्ड प्रतिनियुक्ति पर केंद्र सरकार के कर्मचारी बने रहेंगे, जब तक कि वे समामेलन का विकल्प न चुनें। साथ ही, उनके वेतन, भत्ते और सेवा शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी। महासंघ ने इन आदेशों को वापस लेने की मांग की है और 62,000 कर्मचारियों के बीच हस्ताक्षर अभियान शुरू करने की घोषणा की है, ताकि उनका केंद्र सरकार का दर्जा बरकरार रहे।
इसके विरोध में रक्षा मंत्रालय के सभी महासंघों ने 41 आयुध कारखानों में आंदोलन शुरू कर दिया है। आयुध निर्माणी कटनी में संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में यूनियनों ने एकजुट होकर पर्चा वितरण किया और आम सभा का आयोजन किया। इस दौरान आईएनडीडब्ल्यूएफ के रजनीश शर्मा, बीपीएमएस के अजय प्रताप सिंह बघेल और एआईडीईएफ के शिव पाण्डेय ने कर्मचारियों को जागरूक करते हुए सरकार के आदेशों की कड़ी निंदा की। समिति के महासचिव संजय तिवारी ने बताया कि 11 सितंबर से कटनी में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हस्ताक्षर अभियान शुरू होगा।
सरकार इस अवमानना नोटिस पर क्या प्रतिक्रिया देती है, यह देखना बाकी है। फिलहाल, कर्मचारी संगठन अपने हकों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष तेज करने को तैयार हैं।

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