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पुलिसकर्मियों की गश्त पर अब होगी क्यूआर कोड की तीसरी नजर

केशव गुप्ता की रिपोर्ट बदायूं

पुलिसकर्मियों की गश्त पर अब होगी क्यूआर कोड की तीसरी नजर

हर जिले में बनेगी निगरानी सेल -प्रदेश सरकार की नई पहल,जल्द पूरे प्रदेश में होगी लागू क्यूआरकोड व्यवस्था।

बदायूं 16 जनवरी 2025। पुलिसकर्मियों की गश्त पर अब प्रदेश सरकार क्यूआर कोड से नजर रखेगी। पुलिसकर्मी अपने क्षेत्र में गश्त करने जाएंगे तो उन्हें क्यूआर कोड को स्कैन कर अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर जानकारी देनी होगी। पहले चरण में अपराध की दृष्टि से हॉटस्पॉट घोषित किए गए चार सर्किल के 10-10 स्थलों पर यह व्यवस्था प्रभावी की गई है। जल्द ही क्यूआर कोड से निगरानी की यह व्यवस्था शहर से लेकर गांवों तक में लागू कर दी जाएगी।

सरकार के आदेश पर पुलिस प्रशासन की ओर से आपराधिक घटनाओं पर हाइटेक तरीके से नियंत्रण करने की कवायद शुरू की गई है। इसके तहत क्यूआर कोड की मदद ली जा रही है। प्रदेश के सभी जिलों में जल्द ही आधारित ई बीट सिस्टम लागू किया जाऐगा। पहले चरण में कई जिलों में इसे लागू कर दिया गया है, जल्द प्रदेश के हर जिले में लागू कर दी जाएगी। अपराध की दृष्टि के हॉटस्पॉट बन चुके 10-10 स्थानों पर यह योजना लागू की गई है। इन स्थानों पर क्यूआर कोड लगवा दिया गया है। इसके बाद जल्द ही सभी गांवों व प्रमुख चौराहों पर भी योजना लागू की जाएगी। यहां भी क्यूआर कोड लगवाया जाएगा। क्यूआर कोड लगने के बाद अब उस बीट का सिपाही वहां जाएगा तो उसे अपने मोबाइल से स्कैन करेगा। जिसके बाद उसकी लोकेशन के साथ ही एसपी और निगरानी सेल में मेसेज पहुंच जाएगा। इसके लिए निगरानी सेल का गठन भी किया गया है। इसके साथ ही बीट सिपाही को एक रजिस्टर रखना होगा, जिसमें रोजाना अलग-अलग दो लोगों का ब्योरा दर्ज करना होगा। बताना होगा कि उनसे क्या बात की गई है।
पुलिस के उच्चाधिकारियों के मुताबिक इस तरह बीट सिपाही गांव में जरूर जाएगा और जानकारी में हर गतिविधि रहेगी। जिससे अपराध को कम किया जा सकता है।–

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