Advertisement

कांकेर मांदरी के धुन पर थिरकते हुये मनाया गया विश्व आदिवासी (मूलनिवासी) दिवस

         सत्यार्थ न्यूज़ से संवाददाता पुनीत मरकाम कांकेर (छत्तीसगढ़) भानुप्रतापपुर   ✍️ ✍️                                                 ‌                              मांदरी के धुन पर थिरकते हुये मनाया गया विश्व आदिवासी (मूलनिवासी) दिवस

कांकेर :-
संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 9 अगस्त 1982 को आदिवासियों के हित में एक विशेष बैठक आयोजित की गई थी। तब से जागरूकता बढ़ाने और दुनिया की स्वदेशी आबादी के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। प्रतिवर्ष की भाँती इस वर्ष भी विश्व आदिवासी (मूल निवासी) दिवस कांकेर शहर में बड़े पैमाने पर धूमधाम से मनाया गया।                                                                             21वीं सदी के युवा पीढ़ी आदिवासी परिधन पहने बज रहे डी.जे. के मंदर धुन पर परम्परागत नृत्य करते बड़े मनमोहन दिखाई दे रहे थे। मार्ग पर चल रहे राहगीर इस दृश्य को देखते ही रह गये।                         सायद ही पहले ऐसा कभी आदिवासीयों का जन सैलाब कांकेर की जनता ने देखा होगा ये दृश्य वाकिय अदभुत था। युवा पीढ़ी सर पर मोर के पंख और कमर पर गमछा लगाये हुये परम्परागत सफेद धोती पहने दिखाई दिये वही आदिवासी युवतियां गले में आभूषण, साड़ी पहने बड़ी संख्या में क्रमबद्ध भीरावाही स्थित गोंडवाना भवन में पेन शक्ति, देवी देवताओं, स्वतंत्रता सेनानियों, का पूजा अर्चना कर रैली निकालते हुये शहर के बिंचो बीच आनन्दमय नाचते – गाते न्यू बस स्टैंड में स्थित बने डोम पर स्थिर हुए जहाँ विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजन किया गया।                         इस अवसर पर समाज के सभी वर्ग के पदाधिकारी, समाज के लोग आदि उपस्थित रहे। आयोजित कार्यक्रम में समाज को अपनी संविधानिक अधिकार, संस्कृति, भाषा, वेष भूसा, सुरक्षा, इत्यादि सम्बंध में जानकरी दी गये। समाज के सभी वर्ग लोग बांतो को ध्यानपूर्वक सुनकर अमल करने की बात कही।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!