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छात्रों को केवल किताबों तक सीमित शिक्षा देना नहीं बल्कि उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सक्षम बनाना है: डॉ विजय शंकर

छात्रों को केवल किताबों तक सीमित शिक्षा देना नहीं बल्कि उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सक्षम बनाना है: डॉ विजय शंकर

अब शिक्षा के क्षेत्र में भी सहरसा काफी विकास करेगा: सांसद दिनेश चंद्र यादव

छात्र को स्वामी विवेकानंद बनाना है तो शिक्षक को भी रामकृष्ण परमहंस बनना ही होगा: एमएलसी अजय कुमार सिंह

गरीब दर्शन सहरसा

शहर के सुलिंदाबाद में मंगलवार को शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया, सुलिंदाबाद में जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल के विद्यालय का भव्य उद्घाटन एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया, कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों, अभिभावकों तथा शहर के गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया, उद्घाटन के दौरान कार्यक्रम को व्यवस्थित और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसमें आधुनिक शिक्षा प्रणाली, रोबोटिक्स शिक्षा, डिजिटल क्लासरूम व समग्र विकास की विशेषताओं को प्रदर्शित किया गया।मुख्य अतिथि मधेपुरा सांसद दिनेश चंद्र यादव, विशिष्ट अतिथि के रूप में कोशी एमएलसी डॉ. अजय कुमार सिंह व जीडी गोयनका समूह की प्रतिनिधि यास्मिन खान दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों एवं अभिभावकों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। प्रवेश द्वार पर छात्राओं द्वारा अतिथियों को तिलक लगाकर स्वागत किया गया।जिससे पूरे परिसर में भारतीय संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिली,कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुआ, संगीत शिक्षिका अरीशा घोष के निर्देशन में प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया, इसके बाद रोबोटिक्स ड्रोन के माध्यम से अभिभावकों पर गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा की गई,
विद्यालय के चेयरमैन डॉ. विजय शंकर और डायरेक्टर डॉ. करुणा शंकर द्वारा जीडी गोयनका समूह नई दिल्ली से आईं यास्मिन खान एवं विद्यालय प्रबंधन की सदस्य इंदु शर्मा को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया, स्वागत समारोह के दौरान विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार झा द्वारा स्वागत भाषण दिया गया।उन्होंने विद्यालय की स्थापना के उद्देश्य, शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए तैयार की गई योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।प्राचार्य ने संबोधन में कहा कि विद्यालय का मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल किताबों तक सीमित शिक्षा देना नहीं है, बल्कि उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सक्षम बनाना है।उन्होंने बताया कि विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग, रोबोटिक्स लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, खेल सुविधाएं और अनुभवी शिक्षकों की टीम उपलब्ध है, साथ ही छात्रों में नैतिक मूल्यों और नेतृत्व क्षमता के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।इसके बाद रोबोटिक्स विशेषज्ञ अर्जुन द्वारा रोबोटिक्स शिक्षा पर विशेष प्रस्तुति दी गई। उन्होंने बताया कि आज के समय में तकनीकी शिक्षा अत्यंत आवश्यक है और विद्यालय में छात्रों को प्रारंभिक स्तर से ही रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जानकारी दी जाएगी। प्रस्तुति के दौरान रोबोटिक्स तकनीक का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसने छात्रों और अभिभावकों को काफी प्रभावित किया।कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंजीनियर कृति रंजन ने भी संबोधित करते हुए विद्यालय की शिक्षा प्रणाली और भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया।उन्होंने कहा कि विद्यालय में बच्चों के समग्र विकास के लिए अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला, संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें गणेश वंदना पर छात्र-छात्राओं ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुति दी।दीप प्रज्वलन के बाद अतिथियों को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि सांसद दिनेश चंद्र यादव ने विद्यालय की पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह के प्रयास समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जरूरी है और जीडी गोयनका विद्यालय इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।उन्होने कहा जिस प्रकार रेल सड़क का काफी विकास हुआ है।उसी प्रकार अब शिक्षा के क्षेत्र में भी सहरसा काफी विकास करेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इस विद्यालय के खुलने से यहां के अभिभावकों में भी बच्चों को पढ़ने के प्रति ललक देखा जा रहा है। अब तक इस विद्यालय में 350 छात्र का नामांकन हुआ है।आगे भवन का विस्तार होने पर अधिक छात्रों का नामांकन कर पढ़ाई की जाएगी।
कोशी एमएलसी डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि सहरसा जैसे शहर में इस स्तर का विद्यालय खुलना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुविधा बड़ी है लेकिन शिक्षक और छात्र की के बीच आधार का अभाव देखा जा रहा है।जिसमें बदलाव लाने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को स्वामी विवेकानंद बनाना है तो शिक्षक को भी रामकृष्ण परमहंस बनना ही होगा। उन्होंने कहा कि जीडी गोयंका सहरसा में दमदार उपस्थिति देकर यहां के बच्चों को अच्छा और संस्कार बाल बनाएं बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के लिए अभिभावक भी गाइड करें कि बच्चे क्या सर्च कर रहे हैं और क्या देख रहे हैं उन्होंने बच्चों से सेल्फ स्टडी करने की बात कहीं उन्होंने कहा कि हार्ड वर्क का कोई अटल नेटिव नहीं है शिक्षा के माध्यम से अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी अंधेरा चढ़कर उम्मीद की नई सूरज उगी है उन्होंने संसद की प्रशंसा करते हुए कहा कि सहरसा में जब भी इतिहास लिखा जाएगा तो इतिहास के सुनहरे अक्षरों में सांसद दिनेश चंद्र यादव का नाम हो होगा।उन्होंने अपने पर्यटन से इस क्षेत्र का काफी विकास कराया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के महत्व को पूरे विश्व में स्वीकार किया है जिसमें जिसने शिक्षा के माध्यम से पूरे विश्व में अपना नाम शिक्षित होकर कमाया है।चेयरमैन डॉ. विजय शंकर ने अपने संबोधन में कहा कि सहरसा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता को देखते हुए इस विद्यालय की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि छात्रों को बेहतर नागरिक बनाने का भी काम करेगा। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय के साथ सहयोग करें।
कार्यक्रम के अंत में डायरेक्टर डॉ. करुणा शंकर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी अतिथियों, अभिभावकों और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। इसके बाद स्कूल एंथम और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया, कार्यक्रम में अरविंद गुप्ता, डॉ एके मिश्रा, डॉ शेलेन्द्र, डॉ रामरंजन सिंह, डॉ रविन्द्र किन्टु,ई रवि गुप्ता,अनमोल गुप्ता, सुशील सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष दत्ता, मोहन शाह, विनीत कुमार बिंड्डू, अमर यादव, जवाहर यादव,डा के एस गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे।

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