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गौवंशीय-भैसवंशीय पशुओं में खुरपका मुंहपका रोग नियंत्रण हेतु सघन टीकाकरण अभियान जिले के सभी ब्लॉक में 100 टीमों के जरिए 30 सितम्बर तक किया जाएगा शत-प्रतिशत टीकाकरण

                            संवाददाता राजेन्द्र मंण्डावी                                                                         गौवंशीय-भैसवंशीय समुद्र में खुरपका माउथपका रोग नियंत्रण टीकाकरण टीकाकरण अभियान
जिले के सभी ब्लॉक में 100 टीमों के माध्यम से 30 प्रतिशत तक टीकाकरण टीकाकरण अभियान

कांकेर:– केंद्र पशु शासन की योजना स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत गौवंशीय एवं वंशानुगत सागर में खुरपका माउथपका (एफ.एम.डी.) रोग नियंत्रण अभियान टीकाकरण अभियान 15 अगस्त से 30 सितंबर तक चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पशुधन विकास विभाग के समग्र परिषद अमले जिले के 07 विकासखंडों में 100 समुदायों के सभी समुदायों द्वारा शत-प्रतिशत टीकाकरण कार्य किया जाएगा।
उप पशु चिकित्सक चिकित्सा सेवा ने बताया कि एफ.एम.डी. रोग दो खुर वाले समुद्र तट का अत्यंत संक्रामक एवं घातक विषानुजनित रोग है। यह रोग बहुत ही तेजी से बढ़ता है। इस रोग के होने से पशुओं को तेज बुखार हो जाता है। बीमार जानवरों के मुँह, मसूड़े, जीभ के ऊपर नीचे, मूसलों के अंदर के भाग, खुरों के बीच की जगह पर छोटे-छोटे दाने उभर आते हैं, जो कि विशिष्ट रूप से टीम के सदस्यों के रूप में लेते हैं। मुंह में छाले से पशुओं के मुंह में लगातार लार गिरती रहती है और मुंह में छाले होने के कारण पशु लंगड़ाकर रहते हैं। पशु भोजन भोज्य पदार्थ छोड़ दिया जाता है और दुर्भाग्य से भोजन छोड़ दिया जाता है। दुधारू द्वीप में दूध का प्रोडक्शन कम हो जाता है और बैलों की सोख कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि यह एक विषाणु जनित रोग है और रोग को रोकने का ही उपाय है। इसलिए उक्त पशु रोग नियंत्रण के उद्देश्य से इस वर्ष भी वैयक्तिक टीकाकरण अभियान जारी रखा जा रहा है।

उन्होंने सभी पशुपालकों से कहा कि वे अपने सभी गौवंशीय भैसवंशियों को समुद्र में टीका लगवाएं और शत-प्रतिशत टीकाकरण एवं रोग के उपचार के लिए अपनी-अपनी पहचान सुनिश्चित करें।

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