ब्यूरो चीफ दीपचंद शर्मा
जयपुर
सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर से ऐतिहासिक गंगाजल यात्रा: हरिद्वार के लिए रथ रवाना, जयपुर में महाशिवाभिषेक की युद्ध स्तर पर तैयारियां जारी
भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा से श्रावण मास के चतुर्थ सोमवार, 12 अगस्त 2024 को सिध्देशवर महादेव हनुमान मंदिर, स्वेज फार्म, ज्योतिबा फूले कॉलेज के पास रामनगर, नंदपुरी सोडाला, प्रातः 5:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक भगवान भोलेनाथ का शिव महाअभिषेक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। समिति के गब्बर कटारा, पंकज ओझा ने बताया कि इस पवित्र आयोजन के लिए 9 अगस्त 2024 को सुबह 11:15 बजे परम पूज्य आचार्य अवधेश दास महाराज की गरिमामयी उपस्थिति में गंगाजल लाने के लिए गंगाजलरथ रवाना किया गया । इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान, हरिद्वार से 21,000 लीटर पवित्र गंगाजल एक टैंकर में लाया जाएगा, जिसे जयपुर लाकर भगवान शिव का महाशिवाभिषेक किया जाएगा। उन्होने बताया कि इस आयोजन में देश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों जैसे कैलाश मानसरोवर, सरयू नदी, गंगा नदी, यमुना नदी, नर्मदा नदी, गंगा सागर, बद्रीनाथ, पुष्कर, और रामेश्वरम से भी पवित्र जल की व्यवस्था की गई है।इस शुभ अवसर पर आयोजक गब्बर कटारा, पंकज ओझा और आयोजन समिति के प्रमुख सदस्य सर्वेश्वर शर्मा, अभिषेक शर्मा, जे डी माहेश्वरी, सुधीर जैन गोधा, रामनिवास मथुरिया, अविनाश खंडेलवाल, मनीष गुप्ता, नमित जैन, अभिमन्यु शर्मा, जीतेश शर्मा, हर्षित शर्मा, अजय जैन, संजय अग्रवाल, भगवती सिंह बारेठ, लक्ष्य सिंह, डॉ. भारती शर्मा, शिवा गौड़, प्रमोद शर्मा, सुनील गौड़, ममता पंचोली, सुमित तिवारी, रीना शर्मा, रश्मि शर्मा, उमा भारती, विनीता अग्रवाल, और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।महादेव का अभिषेक भूतभावन भगवान भोलेनाथ को प्रिय और पवित्र औषधियों जैसे विजया, प्रियंगु, नागकेसर, इत्र, दूध, शहद आदि से दिव्य वेद मंत्रों के साथ किया जाएगा। साथ ही, मंदिर में बेलपत्र और शमी पत्र की भी निशुल्क व्यवस्था की जा रही है। यह आयोजन पूरी तरह से निशुल्क है, और सभी श्रद्धालु इसका हिस्सा बन सकते हैं।यह आयोजन जयपुर के इतिहास में एक अनूठे आयोजन के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इस प्रकार का आयोजन पहले कभी नहीं हुआ है। गंगाजल महाशिवाभिषेक समिति की ओर से सभी जयपुरवासियों से आग्रह है कि वे इस पवित्र यात्रा और महाअभिषेक में सम्मिलित होकर भगवान शिव की कृपा प्राप्त करें।यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामूहिक आस्था का एक महान प्रतीक भी माना जा रहा है। जयपुरवासियों के लिए यह एक विशेष अवसर है, जो उनकी आस्था और भक्ति को और भी मजबूत करेगा।


















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