सोलन् से पवन कुमार सिंघ की रिपोर्ट
*केंद्रीय बजट आज, हिमाचल को तीन बड़ी उम्मीदें*
इनकम टैक्स लिमिट में बड़ी राहत की आस लगाए बैठा है पूरे देश का नौकरीपेशा वर्ग
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आर्थिक समीक्षा रखे जाने के बाद मंगलवार को केंद्र की मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट आ रहा है। एनडीए को इस बार मिले कमजोर जनादेश को देखते हुए यह बजट आर्थिक सुधारों और लुभावने फैसलों का संतुलन हो सकता है। एक तरफ सरकारी कर्मचारियों को इनकम टैक्स लिमिट में राहत की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ हिमाचल सरकार को केंद्रीय बजट से तीन बड़ी उम्मीदें हैं। बजट से पहले हिमाचल सरकार ने कैपिटल इन्वेस्टमेंट के तहत कांगड़ा एयरपोर्ट के लिए 3500 करोड़ रुपए जारी करने की मांग की थी। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि यह एयरपोर्ट न सिर्फ टूरिज्म के लिए, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी महत्त्वपूर्ण रहेगा। वर्तमान सरकार ने कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल का दर्जा दे रखा है। ऐसे में कांगड़ा एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण करवाना बड़ी चुनौती है। इसके लिए अब सिर्फ पैसे की जरूरत है। राज्य की कांग्रेस सरकार ने टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए रोप-वे प्रोजेक्ट ज्यादा बनाने का निर्णय किया है।
इसके लिए राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत फंडिंग का प्रस्ताव केंद्र को दिया है। यह एक नीतिगत फैसला होगा, इसलिए केवल बजट के माध्यम से ही लिया जा सकता है। हिमाचल को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के बदले ब्याज रहित लोन के रूप में 3000 करोड़ रुपए देने की मांग है। राज्य सरकार ने कहा कि इस राशि से आपदा में हुए नुकसान की कुछ भरपाई की जा सकेगी। कोरोना के बाद देश की अर्थव्यवस्था को ताकत देने के लिए ब्याज मुक्त ऋण देने की व्यवस्था केंद्र सरकार ने शुरू की थी।


















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