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उन्नाव-बिजली विभाग की भ्रष्ट नीतियों के चलते पुरवा क्षेत्र के लोगों को समय से नहीं मिल पा रही है विद्युत आपूर्ति

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संवाददाता करनेश सिंह पुरवा उन्नाव

✍️बिजली विभाग की भ्रष्ट नीतियों के चलते पुरवा क्षेत्र के लोगों को समय से नहीं मिल पा रही है विद्युत आपूर्ति

✍️उन्नाव पुरवा अपडेट :

👉उन्नाव जनपद में अगर कोई विभाग सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहता है, तो वह बिजली विभाग है, क्या वैध क्या अवैध सारे कार्य इस विभाग में होते हैं, जिले में भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं पार कर चुका है यह विभाग, अपने आप में एक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, इसी उन्नाव जिले में पुरवा तहसील भी आती है, जहां बने मिनी पावर हाउस से, सैकड़ो गांवों को बिजली मुहैया कराई जाती है, परंतु क्या समय से ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली मिल पाती है,(नहीं) जो अपने आप में एक चिंता का विषय है, इस संबंध में जब पावर हाउस कर्मी विशु पाल से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि सुबह 5 बजे, से 7 बजे, तक कोई रोस्टिंग नहीं होती है, वह तो जेई साहब अशोक पाल के कहने पर 2 घंटे के लिए सभी क्षेत्रों की लाइट बंद की जाती है, जबकि विशु पाल ने यह भी बताया कि रोस्टिंग की कोई समय सारणी नहीं है वह तो बिजली पावर हाउस से ही बंद की जाती है जबकि 5 से 7 के बीच 2 घंटे की लाइट की कटौती जेई अशोक पाल के कहने पर की जाती है, और पूरे 24 घंटे में क्षेत्र को महज 10 से 12 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है, जिसमें क्षेत्र के सारे फीडरो को बंद करवा दिया जाता है, जबकि इस भीषण गर्मी में क्षेत्र के लोगों का जीना मुहाल हो गया है, और ऐसे में फर्जी तरीके से बिजली कटौती करना, यह सरकार की मंशा के खिलाफ है, लोकसभा चुनाव से पहले सभी क्षेत्रों को लगभग 24 घंटे बिजली प्रदान की जाती थी, लेकिन जैसे ही चुनाव संपन्न हुए अधिकारी मानो बे लगाम हो गए, जिसमें एसडीओ पुरवा अनिल कुमार वर्मा, जेई साहब अशोक पाल चुनाव से पहले भी समाजवादी पार्टी की विचारधारा से कार्य करते हुए नजर आए थे,ये दोनों अधिकारी सदैव मौजूदा सरकार के विपरीत ही कार्य करते हैं, ऐसे जेई और एसडीओ से क्षेत्र के लोगों को सुचारू रूप से बिजली मिल पाना अब शायद मुश्किल हो चुका है, आखिर क्षेत्र के लोग पूछना चाहते हैं, कि जब हम समय से बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं, तो हमारे साथ ऐसा भेदभाव क्यों, क्यों सुबह 3 घंटे दोपहर में 3 घंटे, और शाम को 3 घंटे, फर्जी तरीके से बिजली कटौती की जाती है, आखिर जिम्मेदार अधिकारी जेई पुरवा और एसडीओ पुरवा, पर कार्रवाई क्यों नहीं करते हैं, क्या आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में की जा रही बिजली कटौती से, मौजूदा प्रदेश सरकार की लुटिया डूबेगी, यह तो समय पर निर्भर है, वहीं इसी विभाग के एक लाइनमैन महोदय द्वारा भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं पार कर लेना यह बताता है, कि इस विभाग में सरकार की मंशा के अनुरूप कोई कार्य करना ही नहीं चाहता है, क्या छोटा क्या बड़ा, हर कोई अपने आप को अधिकारी ही समझता है, जी हां हम बात कर रहे हैं, मंगतखेड़ा फिडर के लाइनमैन, जो अपने कारनामों से हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं, और जिनके अंदर समाजवादी विचारधारा कूट-कूट कर भरी है, जी हां इन महोदय का नाम लल्लन यादव है, इस विभाग में कोई काम ना हो रहा हो इनसे बात करिए, पैसे दीजिए और जायज तथा नाजायज कोई भी काम इनसे करवाइए, पूरा मामला मंगतखेड़ा ग्राम पंचायत का ही है, जिसमें सूत्रों के मुताबिक पता चला है, कि जहां सोनू शर्मा के दरवाजे एक 16 केवी का ट्रांसफार्मर रखा हुआ था, जिससे लगभग 10 घरों को बिजली आपूर्ति की जाती थी, जो सुचारू रूप से चल भी रही थी, बीच मे ट्रांसफार्मर किसी कारण बस जल गया था, लेकिन पुनः दूसरा नया ट्रांसफार्मर तुरंत रखवाया गया था, और अब बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से वहां पर चल रही थी, लेकिन वहां के लोगों से लाइन मैंन लल्लन यादव ने बात की, और कहा कि सभी लोग मिलकर पांच पांच सौ रुपये दे दो तो, यहां पर नया और बड़ा ट्रांसफार्मर रखवा दूंगा, अब लोगों ने पैसा इकट्ठा करके लाइनमैन लल्लन यादव को दे दिए, वहां के लिए तो खंबे भी आ गए, बस आना शेष रह गया है, नया और बड़ा ट्रांसफार्मर, जिसकी क्षमता 25 केवी होगी, जबकि इस जगह पड़री मोड पर इसी 16 केवी के ट्रांसफार्मर से, 30 कनेक्शन चल रहे हैं, रमई खेड़ा में 16 केबी के ही ट्रांसफार्मर से 35 कनेक्शन चल रहे हैं, तारागढ़ी में 16 केवी के तीन ट्रांसफार्मर से अलग-अलग तीनों ट्रान्सफरमो से लगभग 120 कनेक्शन चल रहे हैं, तो यहां 16 कवि के ट्रांसफार्मर से महेज 10 ही कनेक्शन चल रहे थे, तो यहां पर 25 केवी के ट्रांसफार्मर की क्या जरूरत थी, जो साफ-साफ बताता है, कि यह विभाग भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं पार कर चुका है, पैसे दो और काम लो, इस विभाग में केवल यह चल रहा है, जहां बड़े ट्रांसफार्मर की जरूरत है, वहां बड़े ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं कराये जा रहे हैं, लेकिन जहां कोई जरूरत ही नहीं है,वहां लल्लन यादव जैसे लाइन मैनो द्वारा रुपए लेकर बड़े ट्रांसफार्मर रखवा दिए जाते हैं, आखिर कब सुधरेगा यह विभाग, लाइनमैन लल्लन यादव, जेई अशोक पाल, और एसडीओ पुरवा पर आखिर करवाई कब, जो ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री के आदेशों को भी नहीं मानते हैं, अब देखना है यह होगा कि ऐसे भ्रष्ट बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों कारवाई कब होगी, और क्षेत्र के लोगों को 24 घंटे बिजली कब तक मुहैया कराई जाएगी, यह तो समय पर ही निर्भर है!

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