न्यूज रिपोर्टर मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्रीडूंगरगढ़
पाचन तंत्र मजबूती के लिए करें वज्रासन जानिए योग एक्सपर्ट ओम कालवा के साथ।
श्री डूंगरगढ़। कस्बे की ओम योग सेवा संस्था के डायरेक्टर योगाचार्य ओम प्रकाश कालवा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में पाचन तंत्र को ठीक रखना एक चुनौती बन गया है।
विधि
👉इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले मैट या किसी गद्देदार चीज पर बैठें।
अपने घुटनों को मोड़कर एड़ियों को कूल्हों के नीचे ले आएं।
तलवों को आसमान की तरफ रखना है और पैर के दोनों अंगूठों को मिलाए रखना है।
समय
👉कमर और गर्दन को सीधा रखकर लंबी और गहरी सांस लेते रहें।
इस आसन को सबसे पहले 10 सेकेंड करें, फिर 20 सेकेंड तक बढ़ाएँ। कुछ दिन तक लगातार अभ्यास करने पर आप एक मिनट तक वज्रासन करने लगेंगे। भोजन के बाद 5 से लेकर 15 मिनट तक करने से भोजन का पाचक ठीक से हो जाता है। वैसे दैनिक योगाभ्यास मे 1-3 मिनट तक करना चाहिए।
लाभ
👉वज्रासन करने से हमारे पाचन तंत्र को कई तरह से मदद मिलती है। यह हमारे पैरों और जांघों में रक्त के प्रवाह को बाधित करता है और इसे हमारे पेट क्षेत्र में बढ़ाता है, जिससे हमारी मल त्याग में सुधार होता है और कब्ज से राहत मिलती है। वज्रासन हमें पेट फूलना (गैस) और एसिडिटी से भी छुटकारा दिलाने में मदद करता है। दिमाग को शांत और स्थिर रखने में मदद करता है।
पाचन को बढ़ावा देकर अम्लता और गैस को कम करता है।
घुटने के दर्द को दूर करने में मदद करता है। जांघ की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। पीठ दर्द की समस्या को दूर करने में काफी फायदेमंद अभ्यास है।
सावधानी
👉वज्रासन के नुकसान: घुटने की संवेदनशीलता: जबकि वज्रासन आम तौर पर ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है, कुछ व्यक्तियों को घुटनों में असुविधा या दर्द का अनुभव हो सकता है, खासकर अगर उन्हें पहले से ही घुटने की समस्या या चोट हो। सावधानी बरतना और किसी भी दर्द से गुज़रने से बचना महत्वपूर्ण है।
नोट
👉सभी आसनों का अभ्यास अनुभवी योग शिक्षक की देखरेख में करें।





















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