न्यूज रिपोर्टर मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्रीडूंगरगढ़

सीने और पीठ दर्द से पाए छुटकारा जानिए योग
एक्सपर्ट ओम कालवा से गोमुखासन के बारे में।
श्री डूंगरगढ़। कस्बे की ओम योग सेवा संस्था के डायरेक्टर योगाचार्य ओम प्रकाश कालवा ने जानकारी देते हुए बताया इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में शरीर को पुरा आराम नहीं मिल पाने की स्थिति में हर इंसान को कुछ ना कुछ समस्या है आम जीवन में देखा जा सकता है की पीठ दर्द व सीने का दर्द बढ़ता ही जा रहा है उसके स्थाई समाधान के लिए गोमुखासन के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा।
अर्थ
????गौमुख का अर्थ होता है गाय का मुख अर्थात अपने शरीर को गौमुख के समान बना लेने के कारण ही इस आसन को गौमुखासन कहा जाता है। गौमुखासन तीन शब्दों की संधि से बना है – गौ (गाय) + मुख (चहरा) + आसन।
विधि
????अपनी रीढ़ को लंबा करें, पीठ के निचले हिस्से को ऊपर उठाएं। श्वास लें और अपने दाहिने हाथ को छत की ओर सीधी स्थिति में लाएँ। सांस छोड़ें और अपनी कोहनी को ऊपर की ओर मोड़ें और दाहिने हाथ को पीछे की ओर लाएं। दाहिनी कोहनी को मध्य में संरेखित करने के लिए अपने बाएं हाथ की मदद लें।
गोमुखासन का अभ्यास करने के लिए टिप्स
तनाव या चोट से बचने के लिए धीरे-धीरे शुरू करें और धीरे-धीरे मुद्रा में गहराई तक जाएं । अपने लचीलेपन के स्तर के अनुसार मुद्रा को संशोधित करने के लिए ब्लॉक या पट्टियों जैसे प्रॉप्स का उपयोग करें। विश्राम और एकाग्रता बढ़ाने के लिए पूरे अभ्यास के दौरान स्थिर सांस बनाए रखने पर ध्यान दें।
फायदे
????जांघों, कूल्हों, ऊपरी पीठ, ऊपरी बांह और कंधों के मांसपेशियों को मजबूत बनाता है गोमुखासन। विश्राम करने के लिए गोमुखासन एक उत्कृष्ट आसन है। यदि 10 मिनट या अधिक के लिए आप इसका अभ्यास करें, तो यह थकान, तनाव और चिंता को कम करेगा।
नोट
????योग का अभ्यास अनुभवी योग शिक्षक की देखरेख में ही करना चाहिए।



















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