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बड़ी खबर… सोमवार को होने वाली डॉक्टरों की हड़ताल अस्थायी रूप से स्थगित, इंडियन मेडिकल असोसिएशन ने लिया फैसला

संवाददाता.. सुधीर गोखले

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की महाराष्ट्र शाखा ने डोम्बिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों पर हुए हमले के विरोध में सोमवार को 24 घंटे के बंद का आह्वान किया था। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट की अपील का पालन करते हुए और मरीजों के हितों की रक्षा के लिए डॉक्टरों की हड़ताल को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की महाराष्ट्र शाखा ने डोम्बिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में शिवसेना शिंदे गुट के पार्षद रमेश म्हात्रे द्वारा डॉक्टरों और नर्सों पर किए गए हमले के विरोध में सोमवार को 24 घंटे के बंद का आह्वान किया था। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट की अपील का पालन करते हुए और मरीजों के हितों को सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टरों की हड़ताल को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है।डोम्बिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों पर हुए क्रूर हमले के बाद स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा का मुद्दा उठ खड़ा हुआ है। इस हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की महाराष्ट्र शाखा ने सोमवार को राज्य में 24 घंटे के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है। इस दौरान ओपीडी सेवाएं भी निलंबित रहेंगी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का कहना है कि डोम्बिवली में डॉक्टरों और नर्सों पर हमला चिकित्सा व्यवस्था पर हमला है। ऐसे हिंसक माहौल में मरीजों की देखभाल करना मुश्किल है, इसलिए सरकार से ऐसे हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी। मांग यह भी की गई थी कि ऐसे मामलों की सुनवाई त्वरित अदालतों में हो और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने डॉक्टरों के संगठन को हड़ताल खत्म करने की चुनौती दी थी। इस चुनौती का सम्मान करते हुए डॉक्टरों की हड़ताल को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है।
शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टर-नर्स के बीच हुए हमले के मामले में शामिल डॉ. सृष्टि बाविस्कर के पिता ने रमेश म्हात्रे के संबंध में उच्च न्यायालय के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, ‘मैं उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करता हूं। इस फैसले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश में कानून का राज है। आरोपी को जमानत मिलने के बाद डॉक्टरों में असंतोष का माहौल था। डॉक्टरों को भयमुक्त वातावरण में काम करने का अधिकार होना चाहिए, यही हमारा रुख है।’

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