गृह विभाग ने हाल ही में राज्य में विशेष पुलिस महानिरीक्षक और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रैंक के अधिकारियों का तबादला किया है। इसमें कोल्हापुर रेंज के वर्तमान विशेष पुलिस महानिरीक्षक सुनील फुलारी का तबादला सीआईडी (पूर्वी) के विशेष पुलिस महानिरीक्षक के रूप में किया गया है। उनके स्थान पर चार्टर्ड अकाउंटेंट और यूपीएससी स्नातक, आईपीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर पुलिस बल में शामिल हुए रंजन शर्मा को कोल्हापुर रेंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सात भाषाओं के ज्ञाता रंजन शर्मा पिछले 19 वर्षों से जनसेवा में पुलिस बल में कार्यरत हैं। इससे पहले, उन्होंने राज्य के आपराधिक जांच विभाग में विशेष पुलिस महानिरीक्षक के पद की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाई है। उन्होंने पुणे पुलिस आयुक्त कार्यालय में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पूर्व) का पद संभाला है। वे संगठित अपराध के खिलाफ अपनी कार्रवाई के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। उन्होंने पुणे में अवैध हथियार निर्माण रैकेट के खिलाफ चलाए गए अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य में अवैध हथियार निर्माण कारखानों पर छापा मारकर उन्हें नष्ट किया था। यातायात प्रबंधन पुलिस बल में कर्मियों की संख्या बढ़ाने और अनुशासित पुलिसिंग के मुद्दे पर आईजी रंजन शर्मा का रुख पुणेवासियों के लिए हमेशा यादगार रहेगा। अब देखना यह है कि उनके अनुभव से कोल्हापुर जिले, सांगली, सतारा, सोलापुर और रत्नागिरी जिलों के नागरिकों और पुलिस अधिकारियों को कितना और कैसे लाभ मिलता है। हाल के दिनों में सांगली जिले में बढ़ते अपराध भी चिंता का विषय बने हुए हैं। निवर्तमान आईजी सुनील फुलारी ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़े पैमाने पर अच्छा काम किया था और मोक्का जैसे कानूनों को लागू करके सांगली मिराज में आपराधिक गिरोहों पर अंकुश लगाया था। अब देखना यह है कि नए आईजी रंजन शर्मा सांगली जिले में संगठित अपराध और नशीली दवाओं के दुरुपयोग में हो रही वृद्धि को कैसे रोकेंगे। आईजी रंजन शर्मा को पढ़ने का बहुत शौक है और वे संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, बंगाली, मराठी और भोजपुरी भाषाओं में धाराप्रवाह हैं।
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