*कंपोजिट विद्यालय केवटम में शिक्षक रहे नदारत,विभाग मौन*
*पंजीकृत छात्रों के सापेक्ष्य उपस्थिति रही ,बच्चे अपने विद्यालय का नाम तक नही बता पाए*
*सोनभद्र*/सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

शिक्षा क्षेत्र नगवां के कंपोजिट विद्यालयों के शिक्षक भी नहीं जा रहे विद्यालय शिक्षा विभाग के रहमोकरम से घर से ही उठा रहे है वेतन सरकार ने कंपोजिट विद्यालय बनाए की बच्चों को इंग्लिश मीडियम जैसी शिक्षा मिल सके और बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो सके इसके उलट गुरुजी लोग स्कूल ही नहीं आ रहे हैं क्या ऐसे अध्यापक बच्चों का भविष्य सवार पायेंगे इनके कार्य व्यवहार से तो ऐसा प्रतीत नही हो रहा है।
कंपोजिट विद्यालय केवतम में 150 छात्र पंजीकृत है जिसमे संख्या के हिसाब से कम बच्चे उपस्थित मिले विद्यालय में कुल पांच अध्यापक है जिसमे मात्र एक अध्यापक भुनेश्वर सिंह उपस्थित होकर पठन पाठन का कार्य किया जा रहा था विद्यालय में चार अध्यापक अरुण कुमार,जय शंकर शुक्ल और कुशियाल अनुपस्थित मिले।
न्यूज कवर कर वापस आ रहें पत्रकारों को दो लोगों ने रोककर परिचय पूछने लगे अपने आप को अध्यापक बता रहे थे एक व्यक्ति के बाइक पर एडवोकेट लिखा हुआ था इस व्यक्ति ने परिचय जानने के बाद कहा कि मैं सिर्फ दैनिक जागरण और अमर उजाला को जानते है आप लोग कैसे पत्रकार हो। इनके बातों से लग रहा था कि चर्चित पेपर से उनका संबंध है इस नाते अन्य राष्टीय पेपरों का मजाक उड़ा रहे थे।
जो भी हो इस समय नगवां ब्लॉक की शिक्षा व्यस्था और विभाग पर लगातार लापरवाही संरक्षण आदि के आरोप लग रहे हैं अब देखना है क्या शिक्षा विभाग के अधिकारी ऐसे लापरवाह अधिकतर विद्यालय नही जाने वाले अध्यापकों के विरुद्ध कोई कार्यवाही करता है या प्रतिदिन विद्यालय जाकर निष्ठा से पढ़ाई का कार्य करने का तमगा देकर गलत आख्या रिपोर्ट लगाकर हौसला अफजाई किया जाता है।
अभिभावकों ने जिलाधिकारी सोनभद्र का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया है।














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