गौरेला जनपद में राष्ट्रपिता का अपमान: महात्मा गांधी की प्रतिमा कचरे में फेंकी गई,
महात्मा गांधी की प्रतिमा उपेक्षित हालत में मिली, प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल, कार्रवाई की मांग

सूरज यादव, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जीपीएम जिले के जनपद पंचायत गौरेला से एक बेहद शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक संवेदनहीनता की पोल खोल दी है। सभाहाल (कॉन्फ्रेंस हॉल) के मरम्मत कार्य के दौरान देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को कचरे और बेकार समान के बीच फेंककर रखा गया है। तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि गांधी जी की प्रतिमा बोरे, कबाड़ और टूटे समान के बीच जमीन पर उपेक्षित हालत में पड़ी है।
यह दृश्य न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि देश के महान व्यक्तित्व के प्रति घोर असम्मान भी है। इस पूरे मामले को लेकर आरोप सीधे तौर पर उस समय की तत्कालीन सीईओ सुभा मिश्रा पर लग रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि उनके कार्यकाल में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई और जिम्मेदारों ने इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया?
जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि राष्ट्र के सम्मान के साथ खिलवाड़ है। स्थानीय स्तर पर अब इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि दोषियों पर तुरंत कार्रवाई हो और जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कदम उठाता है।

















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