GPM के बसंतपुर-आमाडाड़-नवागांव की सड़कों पर भोजन पानी कि तलाश में दौड़ते हुए बेबस हालत में एक बार फिर दिखा दुर्लभ सफेद भालू,
भोजन-पानी की तलाश में रिहायशी इलाके में पहुंचा दुर्लभ सफेद भालू, जंगल कटाई से बढ़ा वन्यजीवों का संकट,

सूरज यादव,गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।19/05/2026: मरवाही वनमंडल एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार दुर्लभ सफेद भालू जंगल छोड़कर सीधे इंसानी बस्तियों में पहुंच गया। मंगलवार सुबह बसंतपुर, आमाडाड़ और नवागांव की सीमा से सटी इंसानी बस्तियों के सड़कों पर दुर्लभ सफेद भालू को दौड़ते हुए देखा गया। रिहायशी इलाके में भालू दिखने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्लभ सफेद भालू सुबह बसंतपुर के पास मुख्य सड़क पर दिखा। वहां से दौड़ता हुआ आमाडाड़ और नवागांव की ओर निकल गया। स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया जो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही अंधाधुंध तरीके से जंगल कटाई, अवैध कब्जे और उत्खनन के कारण जंगली जानवरों का प्राकृतिक रहवास उजड़ रहा है। गर्मी में जंगल के भीतर पानी के स्रोत भी सूख चुके हैं। इसी वजह से भालू और दूसरे वन्यजीव भोजन-पानी की तलाश में गांव और शहर की ओर रुख कर रहे हैं।

घटना की सूचना मिलते ही मरवाही वनमंडल की टीम अलर्ट हो गई है। सूत्रों से जानकारी के मुताबिक रेस्क्यू टीम को इलाके में तैनात कर दिया गया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि भालू को देखते ही वन विभाग को सूचना दें। उसे न छेड़ें, न ही भीड़ लगाएं। ड्रोन और कैमरा ट्रैप से भालू की लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
मरवाही वनमंडल पिछले कुछ समय से लगातार विवादों में है। कभी अवैध कटाई तो कभी वन्यजीवों के रिहायशी इलाके में आने की घटनाओं से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। दुर्लभ सफेद भालू का बार-बार इंसानी बस्तियों कि तरफ आना जंगल और वन्यजीव प्रबंधन की पोल खोल रहा है।
















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