GPM न्यूज: ‘वनवासी’ बयान पर कांग्रेस का हल्लाबोल, मरवाही में फूंका अमित शाह का पुतला | पुलिस से झूमाझटकी | बेचू अहिरेस-गजमती भानू बोले, आदिवासी अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे | BJP पर पहचान मिटाने का आरोप`

सूरज यादव,गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के ‘वनवासी’ वाले बयान ने छत्तीसगढ़ में सियासी आग लगा दी है। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के मरवाही में मंगलवार को जिला कांग्रेस और आदिवासी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। आक्रोशित कांग्रेसियों ने गृहमंत्री अमित शाह का पुतला दहन कर जमकर नारेबाजी की और भाजपा पर आदिवासी अस्मिता पर हमला करने का आरोप लगाया। इस दौरान पुतला छीनने को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झूमाझटकी हुई, जिससे काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा और आरएसएस सुनियोजित तरीके से आदिवासी समाज की पहचान मिटाने की साजिश रच रहे हैं। आदिवासियों को ‘वनवासी’ कहकर उनके अस्तित्व और स्वाभिमान पर सीधा प्रहार किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बेचूराम अहिरेस ने हुंकार भरते हुए कहा कि भाजपा-आरएसएस का यह मंसूबा कभी पूरा नहीं होगा, क्योंकि आदिकाल से आदिवासियों की अपनी अलग संस्कृति और गौरवशाली पहचान है जिसे मिटाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती गजमती भानू ने अमित शाह के बयान को पूरे आदिवासी समाज का अपमान करार दिया। कांग्रेस प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार में जल, जंगल, जमीन की रक्षा नहीं हो पा रही है और आदिवासियों का लगातार शोषण हो रहा है। अमित शाह के बयान से साबित हो गया है कि भाजपा आदिवासी विरोधी पार्टी है। पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव ने भी बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे आदिवासियों के स्वाभिमान पर सीधी चोट बताया।

प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजमती भानू, पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव, जिला उपाध्यक्ष नारायण शर्मा, महामंत्री राकेश मसीह, पीसीसी सचिव बूंदकुंवर सिंह, आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष बेचूराम अहिरेस, ब्लॉक अध्यक्ष दया राम वाकरे, आदिवासी कांग्रेस प्रदेश सचिव शुभम् पेंद्रो, प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह बघेल समेत मालती वाकरे, बलवीर सिंह, फलपाल सिंह, चंद्रभान सिंह, हलधर सिंह, भानू ओट्टी, लालचंद सोनवानी, अमर सिंह भानू, तारा मार्को, सेमलाल रघुवंशी, हार पैकरा, राहुल नागेश, सूरज सिंह आयाम, उमेश कंवर और मूलचंद कुशराम जैसे सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।














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