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श्रमिकों के अधिकारों पर ग्राम गुजरखेड़ी में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित

श्रमिकों के अधिकारों पर ग्राम गुजरखेड़ी में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित

संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

न्यायोत्सव विधिक सेवा सप्ताह के अंतर्गत हुआ आयोजन

पांढुर्णा – राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा माननीय श्री सुशांत हुद्दार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिंदवाड़ा के कुशल मार्गदर्शन एवं श्री आमोद आर्य, जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, तहसील विधिक सेवा समिति पांढुर्णा की उपस्थिति में न्यायोत्सव विधिक सेवा सप्ताह (09 नवम्बर से 14 नवम्बर 2025) के अंतर्गत दिनांक 12 नवम्बर 2025 को ग्राम पंचायत गुजरखेड़ी, पांढुर्णा में श्रमिकों के अधिकारों पर केंद्रित विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं श्रमिक वर्ग उपस्थित रहा। श्री आमोद आर्य, जिला न्यायाधीश पांढुर्णा द्वारा उपस्थित लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं, महिलाओं के कानूनी अधिकारों तथा श्रमिकों को शासन द्वारा प्रदत्त अधिकारों एवं योजनाओं की जानकारी विस्तारपूर्वक प्रदान की गई।

अपने संबोधन में श्री आर्य ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों में वेतन, कार्य के घंटे, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं भेदभाव से मुक्ति जैसे कई महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सरकार प्रत्येक कार्य के लिए न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करती है और समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार प्रत्येक पुरुष और महिला को समान रूप से प्राप्त है।

उन्होंने आगे कहा कि कार्य के घंटे सीमित किए गए हैं — सामान्यतः प्रतिदिन 9 घंटे से अधिक कार्य नहीं लिया जा सकता तथा अतिरिक्त कार्य के लिए अतिरिक्त भुगतान का प्रावधान है। श्रमिकों को समय पर वेतन प्राप्त करने का अधिकार है, और किसी भी अवैध कटौती की अनुमति नहीं है।

श्री आर्य ने श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा अधिकारों पर भी प्रकाश डाला — “यदि कार्यस्थल पर कोई श्रमिक घायल होता है तो नियोक्ता को उसका उपचार कराना आवश्यक है।” महिला श्रमिकों के लिए अलग शौचालय, वॉशरूम तथा 30 से अधिक महिला श्रमिकों वाली फैक्ट्रियों में क्रेच सुविधा अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि श्रमिकों को भेदभाव से सुरक्षा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संरक्षण, साप्ताहिक अवकाश, तथा संघ बनाने एवं सामूहिक रूप से वार्ता करने का अधिकार प्राप्त है। साथ ही यदि इन अधिकारों का उल्लंघन होता है तो वे श्रम अधिकारी, श्रम निरीक्षक या ट्रेड यूनियन के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

शिविर में ग्राम पंचायत गुजरखेड़ी के सचिव श्री उमेश मुरमकर, तथा तहसील विधिक सेवा समिति अपर सत्र न्यायालय पांढुर्णा के सहायक ग्रेड-3 श्री प्रदीप कुमार गढ़ेवाल भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणजनों ने विधिक जानकारी को उपयोगी बताया और श्रमिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।

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