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7 साल बाद बनी तेदौनी नदीकी पुलिया साढे चार करोड के निर्माण में हुआ भ्रष्टाचार, जांच कार्यवाही की मांग, -पुल पार करने में भय खा रहे ग्रामीण

7 साल बाद बनी तेदौनी नदीकी पुलिया साढे चार करोड के निर्माण में हुआ भ्रष्टाचार, जांच कार्यवाही की मांग, -पुल पार करने में भय खा रहे ग्रामीण

संवाददाता गोविन्द दुबे उदयपुरा

बरेली। तहसील के ग्राम पांजरा विजयसिंह और प्रोहित पिपरिया मार्ग पर तेदौनी नदी पर पुल का निर्माण पिछले 7 वर्षो से चलता रहा। बारिश पूर्व आवागमन शुरू हुआ और पिछले दिनों हुई बारिश में पुल के दौनो ओर का भराव पानी के साथ बह जाने और पुल में खतरनाक स्थिति वाली दरारें आ जाने से मार्ग से जुडे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है, कि कभी भी घटना दुर्घटना हो जाए।

डूबा पुल, हुआ क्षतिग्रस्त -तेदौनी नदी के उस पार वाले ग्रामों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने वर्षों पूर्व पुल स्वीकृत हुआ। लगभग सात वर्षो तक तेदौनी पुल का निर्माण कार्य चलता बारिश रहा। पूर्व आवागमन शुरू हुआ। पिछले दिनों हुई बारिश से तेदौनी नदी में बाढ़ की स्थिति । बनी और 4-5 फिट तक पुल पानी में डूबा रहा। जब बाढ़ का पानी कम हुआ तो तेदौनी नदी पर बने पुल में पढ़ी दरारें। घटिया निर्माण की

पुल किनारें के भराव वाला मटेरियल कटाव से बह टूट गया। इसी के साथ नव निर्मित पुल में गहरी दरारें दिखलाई देने लगी। तेदौनी पुल निर्माण में ठेकेदार और जिम्मदार अधिकारियों की मिलीभगत से पोल पहली बारिश में ही खुल गई। एक दर्जन से अधिक ग्रामों के ग्रामीणों, किसानों को आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने साढे चार करोड की राशि खर्च हो जाने के बाद अब पुल क्षतिग्रस्त हो जाने से आने वालें दिनों में किसान अपनी उपज वाहन लेकर जोखिम भरी स्थिति में तेदौनी नदी का पुल पार करने के प्रयासों में कभी भी घटना दुर्घटना की संभावना बनी रहेगी।

जांच कार्यवाही और उंचे पुल निर्माण की मांग

तेदौनी नदी पर पुल बनने से एक दर्जन ग्रामों के ग्रामीणों किसानों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना था। ग्राम पांजरा विजय सिंह और प्रोहित पिपरिया के बीच तेदौनी नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो जाने से ग्रामीण पुरानी स्थिति में पहुंच गए है। ग्रामीणों द्वारा पुल निर्माण कार्य की जांच, घटिया निर्माण पर जिम्मेदारों, ठेकेदारों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही के साथ तेदौनी नदी पर उंचे पुल का निर्माण कराये जाने की मांग की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि 7 वर्षों तक पुल निर्माण का इंतजार करते रहे और पहली बारिश भी पुल नहीं झेल पाया।
इनका कहना है:-

विभाग को करेंगे निर्देशित पुल में दरारें आने की जानकारी पहली बार आपसे मिली है। मैं संबंधित विभाग को निर्देशित करता हूं कि इस पर तत्काल जांच की जाए और जरूरी कार्रवाई हो। – संतोष मुद्गल, एसडीएम, बरेली

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