गुना में मोहर्रम जुलूस से पहले एक विवाद खड़ा हो गया जब ताजिया इंतजामिया कमेटी ने कलेक्टर को दिए पत्र में जुलूस मार्ग पर लगे भगवा झंडों को हटवाने की मांग की।

इस मांग को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और धार्मिक सौहार्द को लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि, कमेटी अध्यक्ष यूसुफ खान ने विवाद बढ़ता देख सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली और स्पष्ट किया कि उनकी मंशा किसी धर्म विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी।
मामले की पृष्ठभूमि
– ताजिया इंतजामिया कमेटी ने प्रशासन को 21 बिंदुओं पर व्यवस्थाएं मांगी थीं, जिसमें जुलूस मार्ग पर लगे भगवा ध्वजों को हटाने की बात कही गई थी।

– कमेटी अध्यक्ष यूसुफ खान ने कहा कि ताजिया जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं, ऐसे में रास्ते में पहले से लगे किसी धार्मिक ध्वज को यदि गलती से नुकसान पहुंचता है तो उससे अनचाही स्थिति बन सकती है।
प्रशासन की तैयारी
– मोहर्रम पर्व पर निकाले जाने वाले ताजिया जुलूसों के लिए पूरी तैयारी की गई है।
– शहर के विभिन्न हिस्सों से जुलूस रविवार शाम से चलना शुरू हुए और रात में बूढ़े बालाजी इलाके में स्थित हुसैन टेकरी पर एकत्रित होंगे।
– पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

गुना शहर में मोहर्रम का त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच सहयोग की भावना दिखाई दे रही है। यूसुफ खान ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि गुना एक शांतिप्रिय और सांप्रदायिक सौहार्द वाला शहर है, जहां सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाते हैं ¹।
















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