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13 जनवरी 2025 सोमवार आज का पंचांग व राशिफल और जानें कुछ खास बातें पंडित नरेश सारस्वत रिड़ी के साथ

सवांददाता नरसीराम शर्मा बीकानेर श्रीडूंगरगढ़

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त,चद्रोदय-चन्द्रास्त काल,तिथि,नक्षत्र,मुहूर्त योगकाल,करण,सूर्य-चंद्र के राशि,चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।

🙏जय श्री गणेशाय नमः🙏

🙏जय श्री कृष्णा🙏

🕉️आज का पंचांग🕉️

दिनांक:- 13/01/2025,

सोमवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष,
पौष””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———- पूर्णिमा 27:55:59 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र———- आद्रा 10:37:07
योग———- वैधृति 28:37:54
करण——- विष्टि भद्र 16:25:46
करण————- बव 27:55:59
वार——————– सोमवार
माह———————— पौष
चन्द्र राशि—– मिथुन 28:18:32
चन्द्र राशि—————- कर्क
सूर्य राशि—————– धनु
रितु———————- शिशिर
आयन—————– उत्तरायण
संवत्सर (उत्तर) ————कालयुक्त
विक्रम संवत————– 2081
गुजराती संवत———— 2081
शक संवत—————- 1946
कलि संवत—————- 5125

वृन्दावन
सूर्योदय————– 07:12:28
सूर्यास्त————– 17:43:38
दिन काल————-10:31:10
रात्री काल————- 13:28:46
चंद्रोदय————– 17:04:59
चंद्रास्त————— 31:31:40

लग्न—-धनु 28°55′ , 268°55′

सूर्य नक्षत्र———— उत्तराषाढा
चन्द्र नक्षत्र—————– आर्द्रा
नक्षत्र पाया—————– रजत

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

छ—- आर्द्रा 10:37:07

के—- पुनर्वसु 16:29:11

को—- पुनर्वसु 22:22:57

हा—- पुनर्वसु 28:18:32

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य= धनु 28°40, उ o षा o 1 भे
चन्द्र=मिथुन 18°30 , आर्द्रा 4 छ
बुध =धनु 11°52 ‘ मूल 4 भी
शु क्र= कुम्भ 16°05, शतभिषा ‘ 3 सी
मंगल=कर्क 03°30 ‘ पुनर्वसु ‘ 4 ही
गुरु=वृषभ 17°30 रोहिणी, 3 वी
शनि=कुम्भ 21°28 ‘ पू o भा o , 1 से
राहू=(व) मीन 06°44 उo भा o, 2 थ
केतु= (व)कन्या 06°44 उ oफा o 4 पी

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 💮🚩💮

राहू काल 08:31 – 09:50 अशुभ
यम घंटा 11:09 – 12:28 अशुभ
गुली काल 13:47 – 15: 06अशुभ
अभिजित 12:07 – 12:49 शुभ
दूर मुहूर्त 12:49 – 13:31 अशुभ
दूर मुहूर्त 14:55 – 15:37 अशुभ
वर्ज्यम 22:23 – 23:58 अशुभ
प्रदोष 17:44 – 20:28 शुभ

चोघडिया, दिन

अमृत 07:12 – 08:31 शुभ
काल 08:31 – 09:50 अशुभ
शुभ 09:50 – 11:09 शुभ
रोग 11:09 – 12:28 अशुभ
उद्वेग 12:28 – 13:47 अशुभ
चर 13:47 – 15:06 शुभ
लाभ 15:06 – 16:25 शुभ
अमृत 16:25 – 17:44 शुभ

चोघडिया, रात

चर 17:44 – 19:25 शुभ
रोग 19:25 – 21:06 अशुभ
काल 21:06 – 22:47 अशुभ
लाभ 22:47 – 24:28* शुभ
उद्वेग 24:28* – 26:09* अशुभ
शुभ 26:09* – 27:50* शुभ
अमृत 27:50* – 29:31* शुभ
चर 29:31* – 31:12* शुभ

होरा, दिन

चन्द्र 07:12 – 08:05
शनि 08:05 – 08:58
बृहस्पति 08:58 – 09:50
मंगल 09:50 – 10:43
सूर्य 10:43 – 11:35
शुक्र 11:35 – 12:28
बुध 12:28 – 13:21
चन्द्र 13:21 – 14:13
शनि 14:13 – 15:06
बृहस्पति 15:06 – 15:58
मंगल 15:58 – 16:51
सूर्य 16:51 – 17:44

होरा, रात

शुक्र 17:44 – 18:51
बुध 18:51 – 19:58
चन्द्र 19:58 – 21:06
शनि 21:06 – 22:13
बृहस्पति 22:13 – 23:21
मंगल 23:21 – 24:28
सूर्य 24:28* – 25:35
शुक्र 25:35* – 26:43
बुध 26:43* – 27:50
चन्द्र 27:50* – 28:58
शनि 28:58* – 30:05
बृहस्पति 30:05* – 31:12

🚩 उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

धनु > 04:16 से 06:14 तक
मकर > 06:14 से 08:04 तक
कुम्भ > 08:04 से 09:36 तक
मीन > 09:36 से 11:06 तक
मेष > 11:06 से 12:46 तक
वृषभ > 12:46 से 14:44 तक
मिथुन > 14:44 से 16:56 तक
कर्क > 16:56 से 19:18 तक
सिंह > 19:22 से 21:32 तक
कन्या > 21:32 से 23:54 तक
तुला > 23:54 से 01:54 तक
वृश्चिक > 01:54 से 04:08 तक

विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट-दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषुच l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

 अग्नि वास ज्ञान -:

यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।

महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् 

15 + 2 + 1 = 18 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

चन्द्र ग्रह मुखहुति

शिव वास एवं फल -:

15 + 15 + 5 = 35 ÷ 7 = 0 शेष

शमशान वास = मृत्यु कारक

भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

सांय 16:29 तक समाप्त

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

* पौषी पूर्णिमा व्रत

*माघ स्नान प्रारम्भ

*लोहड़ी पर्व प्रारम्भ

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

उद्योगे नास्ति दारिद्र्य जपतो नास्ति पातकम् ।
मौनेनकलहोनास्ति नास्ति जागरितो भयम् ।।
।।चाo नीo।।

जो उद्यमशील हैं, वे गरीब नहीं हो सकते,
जो हरदम भगवान को याद करते है उनहे पाप नहीं छू सकता जो मौन रहते है वो झगड़ों मे नहीं पड़ते
जो जागृत रहते है वो निर्भय होते है।

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: क्षेत्र-क्षेत्रज्ञविभागयोग अo-13

अध्यात्मज्ञाननित्यत्वं तत्वज्ञानार्थदर्शनम्‌ ।,
एतज्ज्ञानमिति प्रोक्तमज्ञानं यदतोऽन्यथा ॥,

अध्यात्म ज्ञान में (जिस ज्ञान द्वारा आत्मवस्तु और अनात्मवस्तु जानी जाए, उस ज्ञान का नाम ‘अध्यात्म ज्ञान’ है) नित्य स्थिति और तत्वज्ञान के अर्थरूप परमात्मा को ही देखना- यह सब ज्ञान (इस अध्याय के श्लोक 7 से लेकर यहाँ तक जो साधन कहे हैं, वे सब तत्वज्ञान की प्राप्ति में हेतु होने से ‘ज्ञान’ नाम से कहे गए हैं) है और जो इसके विपरीत है वह अज्ञान (ऊपर कहे हुए ज्ञान के साधनों से विपरीत तो मान, दम्भ, हिंसा आदि हैं, वे अज्ञान की वृद्धि में हेतु होने से ‘अज्ञान’ नाम से कहे गए हैं) है- ऐसा कहा है॥,11॥,

💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष-ऐश्वर्य के साधनों पर खर्च होगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। शारीरिक कष्ट संभव है। भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विवेक से कार्य करें।

🐂वृष-यात्रा लाभदायक रहेगी। राजकीय सहयोग मिलेगा। सरकारी कामों में सहूलियत होगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। घर में सुख-शांति रहेंगे। कारोबारी अनुबंध हो सकते हैं। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। पार्टनरों से सहयोग मिलेगा। झंझटों में न पड़ें।

👫मिथुन-यात्रा लाभदायक रहेगी। संतान पक्ष से बुरी खबर मिल सकती है। डूबी हुई रकम प्राप्त होगी। व्यापार-व्यवसाय से मनोनुकूल लाभ होगा। नौकरी में प्रशंसा मिलेगी। जल्दबाजी से काम बिगड़ सकते हैं। नए उपक्रम प्रारंभ करने संबंधी योजना बनेगी।

🦀कर्क-चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि हो सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। किसी व्यक्ति विशेष से कहासुनी हो सकती है। स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। दौड़धूप रहेगी। नकारात्मकता हावी रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें।

🐅सिंह-दुष्टजनों से सावधानी आवश्यक है। फालतू खर्च पर नियंत्रण नहीं रहेगा। हल्की मजाक करने से बचें। अपेक्षित काम में विलंब होगा। बेकार की बातों पर ध्यान न दें। अपने काम से काम रखें। लाभ के अवसर मिलेंगे। विवेक का प्रयोग करें। आय में वृद्धि होगी।

🙍‍♀️कन्या-मान-सम्मान मिलेगा। मेहनत का फल मिलेगा। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। शत्रु तथा ईर्ष्यालु व्यक्तियों से सावधानी आवश्यक है। समय की अनुकूलता है। सामाजिक कार्य करने का मन लगेगा।

⚖️तुला-सामाजिक कार्य करने में मन लगेगा। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। कारोबार मनोनुकूल लाभ देगा। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। शेयर मार्केट,म्युचुअल फंड से लाभ होगा। आय में वृद्धि होगी। मान-सम्मान मिलेगा। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें।

🦂वृश्चिक-चोट व रोग से कष्ट हो सकता है। बेचैनी रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। सत्संग का लाभ मिलेगा। राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। परिवार तथा मित्रों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।

🏹धनु-भागदौड़ अधिक रहेगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। मेहनत अधिक होगी। लाभ में कमी रह सकती है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यवसाय-व्यापार मनोनुकूल चलेगा। आय बनी रहेगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा, सावधानी रखें। बुरी खबर मिल सकती है।

🐊मकर-पुरानी संगी-साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। फालतू खर्च होगा। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। आत्मसम्मान बना रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भाइयों का सहयोग मिलेगा। कारोबार से लाभ होगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। जल्दबाजी न करें।

🍯कुंभ-बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से मनोनुकूल लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। कोई बड़ा काम होने से प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें। उत्साह रहेगा।

🐟मीन-पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। आनंद के साथ समय व्यतीत होगा। मनपसंद व्यंजनों का लाभ मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। किसी व्यक्ति से बहस हो सकती है। आशंका-कुशंका से बाधा होगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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