बिग ब्रेकिंग प्रतापगढ पत्रकार विष्णु मिश्रा
नाबालिकों का जॉब कार्ड बनाकर मजदूरी लेने वाले को बना दिया गया मांधाता विकासखंड का एडीओ पंचायत
जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी इनपर मेहरबान हैं पंचायती विभाग
प्रतापगढ़ – अपनी कार्यप्रणाली के लिये पूरे जिले में अपनी पहचान बनाने वाले एडीओ पंचायत मांधाता का एक और कारनामा अपने पुराने कार्य क्षेत्र से सामने आया है।यहां के रहने वाली कोमल मिश्रा ने इन पर नाबालिकों का जॉब कार्ड बना कर मजदूरी खारिज करने का आरोप लगाया। पर आप जानकारी के अनुसार शिकायत कर्ता कोमल मिश्रा, निवासी ग्राम कुसहा , डीह बलई, विकास खंड बाबा गंज, कुंडा प्रतापगढ़ ने

आनलाइन 3/10/2024 को की ग्राम प्रधान मुकुंद यादव, ग्राम पंचायत अधिकारी धीरेन्द्र कुमार तथा पूर्व ग्राम पंचायत अधिकारी काशीनाथ ने नाबालिग मजदूरों का जाब कार्ड बनाकर और उनसे मजदूरी करा कर उनके बैंक खाते में भुगतान किया है नाबालिग मजदूरों से काम कराने के विरुद्ध ग्राम प्रधान मुकुंद यादव, ग्राम पंचायत अधिकारी धीरेन्द्र कुमार और पूर्व ग्राम पंचायत अधिकारी काशीनाथ पर कारवाई की मांग की गयी थी इस मामले की जांच कुंवर सिंह श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रतापगढ़ को सौंपी गई थी शिकायत कर्ता द्वारा कुल दस बाल किशोरी श्रमिक को लेकर शिकायत की गयी थी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी की जांच में पाया गया कि 3 बाल श्रमिक 1- रजत यादव पुत्र लखपत यादव (13 वर्ष 7 माह 27 दिन), 2- शुभम पुत्र जयचंद यादव (12 वर्ष 11 माह 26 दिन), 3- अंजली पुत्री विनोद कुमार (13 वर्ष 4 माह 18 दिन) की आयु कार्य प्रारंभ दिवस से चौदह वर्ष से कम थी/ 4- अंजलि पुत्री मलखान (15 वर्ष 5 माह 23 दिन), 5- काजल पुत्री विनोद कुमार (14 वर्ष 5 माह 19 दिन), 6- विवेक पुत्र राम सजीवन यादव (14 वर्ष 10 माह 23 दिन), 7- खुशी पुत्री पवन कुमार ( 16 वर्ष 3 माह 20 दिन), 8- कुशल पुत्र अमर सिंह (15 वर्ष 16 दिन), 9- दक्षत तिवारी पुत्र अजय कुमार तिवारी (16 वर्ष 4 माह 29 दिन) किशोर श्रमिक हैं जिनकी आयु चौदह वर्ष से अठारह वर्ष के बीच की है, एक श्रमिक शनि पुत्र गिरजा शंकर के आयु से संबंधित अभिलेख प्राप्त नहीं हो पाया था मनरेगा जाब कार्ड में शनि की आयु 21 वर्ष अंकित है , कुंवर सिंह श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रतापगढ़ की जांच में दोषी पाए जाने पर कारवाई के लिए अग्रसित किया था लेकिन अधिकारीयों से सांठ-गांठ में माहिर काशीनाथ पर कारवाई नहीं हुई और उनको एडीओ पंचायत मान्धाता के जिम्मेदार पद पर बैठा दिया गया, भ्रष्टाचार में दोषी पाए जाने के बाद भी सीडीओ ,डीपीआरओ भ्रष्ट अधिकारी काशीनाथ पर क्यूं मेहरबान है, वीडियो श्रुति शर्मा सब कुछ जानते हुए भी क्यूं चुप है क्या विडियो को भ्रष्ट अधिकारियों का ही काम काज पसंद है या फिर भ्रष्ट अधिकारियों के साथ काम कर वीडियो भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है, भ्रष्ट अधिकारी काशीनाथ पर आला अधिकारियों का डर नहीं है तब ही तो मान्धाता ब्लाक में मनरेगा और विकास कार्य में मनमानी कमीशन वसूल कर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा रहे हैं, मान्धाता ब्लाक क्षेत्र में नेता, पत्रकार, समाजसेवी सब हैरान हैं कि आखिर क्या मजबूरी है सीडीओ और डीपीआरओ, वीडियो की जो एक भ्रष्ट अधिकारी को महत्वपूर्ण पद पर बैठा कर योगी सरकार की छवि को धूमिल कर रहे हैं।












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