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पल्स पोलियो अभियान के तहत बूथ कवरेज एवं घरों में जाकर पोलियो के सही अंकन करने के दिए निर्देश

जिला कलेक्टर ने ली चिकित्सा अधिकारियों की बैठक

पल्स पोलियो अभियान के तहत बूथ कवरेज एवं घरों में जाकर पोलियो के सही अंकन करने के दिए निर्देश

 

डीग, 26 नवंबर। जिला कलेक्टर डीग उत्सव कौशल ने मंगलवार को पंचायत समिति सभागार में जिले के चिकित्सा अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने 8 दिसंबर, 2024 को डीग जिले में पल्स पोलियो अभियान के शुभारंभ के मौके पर सभी आमजन से अपील की है कि वे अपने-अपने बच्चों को दो बूंद जिंदगी की जरूर पिलाए।

बैठक में चिकित्सा अधिकारी ने जानकारी दी कि पल्स पोलियो अभियान के तहत डीग जिले में सबसे अधिक बूथ कवरेज कुम्हेर में 56.17% है, उसके बाद पहाड़ी में 40.07%, नगर 49.84, डीग 38.93 और कामां में 37.88% बूथ कवरेज है। जिस पर कलेक्टर ने आंकड़ों को सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पल्स पोलियो अभियान के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र खुले रहे व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से बच्चों को पोलियो बूथ पर लाया जाए एवं वे मोबिलाइजेशन के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद को निर्देशित किया गया कि वह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से समन्वय स्थापित कर गांवों के सरपंच, प्रधान, पंचायत समिति सदस्य आदि जनप्रतिनिधियों से संवाद कर क्षेत्र में पोलियों के प्रति अभिभावकों को प्रेरित करें।

जिला कलेक्टर ने प्राथमिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाटा में किए गए निरीक्षण का अनुभव चिकित्सा अधिकारियों के साथ सांझा किया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और चिंताजनक है की चिकित्सालयों को कंपाउंड द्वारा संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा यदि कोई डिप्थीरिया का मरीज आता तो कंपाउंड लेवल पर इसका इलाज कैसे होता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से उन चिकित्सकों का भी मनोबल टूटता है जो अपने कार्य के प्रति संवेदनशील है एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हैं। कामां में डिलीवरी के दौरान महिला की मृत्यु के मामले पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कामां के प्रभारी ने जानकारी दी कि महिला को एब्डोमिनल ब्लीडिंग थी जिसके कारण ऐसा हादसा हुआ। जिला कलेक्टर ने कहा कि डीग जिले में झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर की जाए। चिन्हित 200 झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ पुलिस विभाग में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए ताकि मरीजों को फर्जी चिकित्सकों के उपचार से बचाया जा सके।

उल्लेखनीय है जिले में 1 उपजिला चिकित्सालय, 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 198 उप स्वास्थ्य केंद्र एवं 636 ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति संचालित है। इनमें डीग में 5, कुम्हेर में 3 एवं नगर, पहाड़ी और कामां में 2-2 सीएचसी चलाई जा रही है। वहीं पीएचसी की संख्या डीग में 3, कुम्हेर में 12, नगर में 7, कामां में 5 और पहाड़ी में 7 हैं। उप स्वास्थ्य केंद्र सबसे अधिक कुम्हेर में 58 है। इसके बाद नगर में 45, कामां में 29 और पहाड़ी में 31 है। ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति नगर में 165, पहाड़ी में 130, कुम्हेर में 117, कामां में 112 एवं डीग में 112 है।

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