सांगली, मिरज और कुपवाड नगर निगम द्वारा नगर निगम क्षेत्र के नागरिकों की स्वास्थ्य सुविधा के लिए शुरू किया गया सांगली का महात्मा बसवेश्वर सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर मरीजों के लिए वरदान बन गया है। हाल ही में इस डायग्नोस्टिक सेंटर की तीसरी वर्षगांठ बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। आयुक्त शुभम गुप्ता (IAS) के मार्गदर्शन में उपायुक्त वैभव साबले, शिल्पा दरेकर और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वैभव पाटिल ने डायग्नोस्टिक सेंटर की अच्छी व्यवस्था बनाए रखी है।आज आखिरकार इस डायग्नोस्टिक सेंटर ने आधी सदी का आंकड़ा पार करते हुए लगभग 51 हजार मरीजों की जांच की है। आम, जरूरतमंद एवं गरीब नागरिकों को विभिन्न प्रकार की रक्त जांच, ईसीजी एवं एक्स-रे सेवाएं बहुत ही कम दरों पर उपलब्ध करायी जाती है। नगर निगम ने इस डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए कोई बड़ा भवन न बनाकर एक जर्जर परित्यक्त भवन का सदुपयोग करते हुए इस डायग्नोस्टिक सेंटर की शुरुआत की। वर्तमान में यह डायग्नोस्टिक सेंटर और महालैब संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं तथा 85 प्रकार की जांच निःशुल्क की जा रही है, डायग्नोस्टिक सेंटर द्वारा 15 स्पॉट, ईसीजी एवं एक्स-रे सहित कुल 48 प्रकार की जांच एवं 37 प्रकार की जांच की जा रही है महलैब द्वारा नि:शुल्क संचालित है, नगर निगम के चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वैभव पाटिल ने प्रतिनिधियों से बात करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस डायग्नोस्टिक सेंटर की नागरिकों को मिल रही अच्छी सेवा के कारण जांच के लिए नागरिकों की भीड़ बढ़ रही है। साथ ही इस डायग्नोस्टिक सेंटर से नगर निगम को भी अच्छी आमदनी हो रही है.। कमिश्नर शुभम गुप्ता ने बताया कि इस डायग्नोस्टिक सेंटर की स्थापना के बाद से अब तक नगर निगम के खजाने में चालीस लाख रुपये से अधिक की आय जमा हो चुकी है, लेकिन इस डायग्नोस्टिक सेंटर का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की बेहतर सुविधा होगी । फिलहाल इस डायग्नोस्टिक सेंटर में प्रशासन की ओर से तीन लैब टेस्टिंग मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक डायग्नोस्टिक सेंटर में उपलब्ध सुविधा सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की.
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