संवाद दाता सुधीर गोखले
सांगली से

महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्यों की सीमा पर स्थित मिरज शहर एक चिकित्सा स्वर्ग के रूप में दुनिया भर में ख्याति रखता है। मिरज और सांगली शहर और इसके आसपास के भाग मे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस लगभग 400 अस्पताल मरीजों की सेवा कर रहे हैं। इसके अलावा, मिरज रेलवे जंक्शन है जो कि कर्नाटक आंध्र प्रदेश जैसे बडे शहरो को और महाराष्ट्र से जोडता है और सांगली के पास कवलापूर गाव मे प्रस्तावित हवाई अड्डे की उपलब्धता के कारण, मिरज सुधार समिति ने मिरज में एक “एम्स” अस्पताल स्थापित करने की पहल की मांग सांसद शरद पवार जी से कि है
सांसद शरद पवार जब सांगली जिले के दौरे पर आये तो शुक्रवार सुबह सांगली में मिरज सुधार समिति के वकील ए. ए काजी, अध्यक्ष आसिफ निपानीकर, संयोजक शंकर परदेशी, उपाध्यक्ष नरेश सातपुते, मंसूर शेख, संतोष जेडगे, राजेंद्र ज़ेंडे, राकेश तामगावे और अन्य सदस्यों ने उनसे मुलाकात की. उन्हें दिए गए एक बयान में कहा गया है कि चूंकि मिराज एक ‘मेडिकल हब’ है, इसलिए यहां एम्स अस्पताल बनाया जा सकता है। सांगली के सांसद विशाल पाटिल ने लोकसभा में इस विषय को लेकर काफी बहस भी कि थी और मांग भी की है.इसके लिए यदि पश्चिम महाराष्ट्र के प्रतिनिधि पहल करें तो महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीमा पर मिरज में “एम्स” अस्पताल बनना संभव है। इसके लिए मिरज सुधार समिति की ओर से सांसद शरद पवार जी से पहल की और पवार को पहल करने के लिए कहा गया.
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