रानीगंज/प्रतापगढ
(पत्रकार दीपांशु तिवारी)
आस्था का प्रतीक मां बाराही देवी धाम चौहर्जन में नवरात्रि के पहले दिन लगा रहा भक्तों का ताता,जय माता दी के जयकारों से गूंजायमान रहा पूरा मंदिर परिसर

रानीगंज। प्रतापगढ जिले के रानीगंज तहसील मुख्यालय से लगभग आठ किलोमीटर दूर उत्तर दिशा में सई नदी के किनारे एक ऊंचे टीले पर मां बाराही देवी का पवित्र धाम स्थित है। जिन्हें क्षेत्र में चौहर्जन देवी के नाम से भी पुकारा जाता है। ऐसी मान्यता है की मां बाराही देवी धाम 51 शक्तिपीठों में से एक हैं।आस्था और विश्वास का प्रतीक मां बाराही देवी धाम की निश्चित स्थापना तिथि तो किसी को ज्ञात नहीं है परंतु मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों के मुताबिक बाराही देवी धाम की स्थापना आल्हा और उदल नामक दो वीर भाइयों के द्वारा बारहवीं सदी में की गई थी। अपनी सफलता और सुरक्षा के लिए दोनों भाइयों ने देवी की कठिन तपस्या और आराधना की थी। जिसके परिणाम स्वरूप दोनों भाइयों ने अपने पूरे जीवन पर्यंत असफलता और पराजय का कभी मुंह नहीं देखा।मान्यताओं और साक्ष्य के अनुसार मंदिर के ही बगल में आल्हा और ऊदल के द्वारा बनवाया गया एक प्राचीन कुआं भी है।जो किसी सुरंग से भी जुड़ा था। जो समय के साथ साथ विलुप्त होने की कागार पर है जिसका प्रयोग आल्हा उदल के द्वारा सई नदी में स्नान के लिए किया जाता था। मुगलों के द्वारा मंदिर को क्षति ग्रस्त कर दिया गया था और देवी की प्रतिमा को भी सई नदी में फेंक दिया गया था।पुरानी मान्यताओं के अनुसार 1008 महंथ गणपति गिरी के द्वारा 1365 में मंदिर का जीर्णोधार किया गया था इसी क्रम में मंदिर में पूजा पाठ और रख रखाव आदि का जिम्मा गिरी परिवार का ही है वह प्रत्येक दिन अपने क्रम के अनुसार मंदिर के पूजन , श्रद्धालुओं के दर्शन आदि का काम करते हैं। मान्यताओं के अनुसार मां बाराही के दर्शन और पूजन करने से आयु,यश और बल की प्राप्ति होती है। बुजुर्गों और पूर्वजों के अनुसार माता रानी के दरबार में मांगी गई मन्नत अवस्य ही पूर्ण होती है। जहां प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को मेले का आयोजन भी होता है और मेले में काफी भरी संख्या में भक्तों की भीड़ भी होती है। बाराही देवी धाम का जिले में एक अलग ही स्थान है। नवरात्र में देवी धाम आस्था का एक अलग ही केंद्र बना रहता है। मंदिर के पुजारी विनय गिरी, रामलखन गिरी,रामप्रताप गिरी, अक्षयवर गिरी आदि लोग मंदिर के पौराणिकता और भव्यता को बचाए रखने का कार्य कर रहे हैं और साथ ही देवी की सेवा में नित प्रतिदिन लगे रहते हैं।
















Leave a Reply