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समस्तीपुर पुलिस का नया कारनामा । आवेदक को बना डाला थाने का ड्राइवर । एएसपी ने जांच के बाद कारवाई का दिया भरोसा ।

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राजीव कुमार सिन्हा
समस्तीपुर

समस्तीपुर पुलिस का नया कारनामा । आवेदक को बना डाला थाने का ड्राइवर । एएसपी ने जांच के बाद कारवाई का दिया भरोसा ।

 

 समस्तीपुर पुलिस कप्तान पुलिस की छवि को सुधारने को लेकर लगातार कोशिश में जुटे हैं , लेकिन उनके नुमाइंदे उनके मंसूबो पर पालिदा लगाने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है । मामला साईबर थाना से जुड़ा है । जंहा केस के आवेदक को थानाध्यक्ष ने थाने की गाड़ी का ड्राइवर बनाकर उसी केस के आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेज दिया ।
क्या है पूरा मामला जरा ये भी जान लीजिए । खानपुर थाना क्षेत्र के मधुटोल के रहने वाले संजय कुमार दास ने पूसा थाना क्षेत्र के दिघरा के रहने वाले राजीव कुमार और मुफ़्फ़ासिल थाना क्षेत्र के कोरबधा के बुधन राय पर कंपनी बनाकर लगभग छह लाख अस्सी हज़ार रुपये की ठगी का आरोप लगाकर 16 नवंबर 2023 को साईबर थाना कांड संख्या 43/23 दर्ज कराया था । इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी राजीव कुमार के भाई सुधीर को पिछले महीने दिल्ली से गिरफ़्तार किया था । पुलिस की माने तो सुधीर की आईडी से कंपनी क्रियेट किया गया था । वंही पुलिस ने कंपनी के मैनेजर साहेब सिंह उर्फ मनीष कुमार को गिरफ्तार किया । पुलिस का बताना है कि कंपनी के अकाउंट की जगह मनीष के पर्सनल एकाउंट का उपयोग कर करोड़ो रूपये का लेनदेन किया गया था । आरोपी की गिरफ़्तार के बाद पुलिस ने केस के आवेदक के साथ आरोपी को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेज दिया । साईबर थानाध्यक्ष का कहना है कि चूंकि थाने में कोई ड्राइवर नही है । ऐसे में उसे ही ड्राइवर बनाकर भेज दिया ।
इस मामले से जुड़ी एक और वीडियो भी देख लीजिए जिसमें आवेदक 500 के नोटों की 19 लाख रुपये की गड्डी गिनकर एक बैग में रख रहा है । बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह रुपया कंहा से आया और क्यों दिया गया । इस रुपये के संबंध में आवेदक संजय कुमार का बताना है कि उसने अपने एकाउंट से जो रुपये दिए थे उतने का ही थाने में आवेदन दिया था । बाकी जो रुपये उसने नगद में दिए थे । वह रुपया आरोपी के द्वारा लौटाया गया था। वंही इस पूरे मामले पर एएसपी संजय कुमार पांडेय का बताना है कि किस परिस्थिति में आवेदक को ड्राइवर के रूप में इस्तेमाल किया गया था । इसकी जांच के लिए यातायात डीएसपी को निर्देशित किया गया है । जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी ।

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