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आदिवासी छात्र युवा संगठन ने भानुप्रतापपुर में रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वीरांगना रानी दुर्गावती अमर रहे अमर रहे नारे के साथ पुण्यतिथि मनाई।

              सत्यार्थ न्यूज़ से संवाददाता पुनीत मरकाम  की रिपोर्ट ✍️ ✍️ ✍️                                     आदिवासी छात्र युवा संगठन ने भानुप्रतापपुर में रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वीरांगना रानी दुर्गावती अमर रहे अमर रहे नारे के साथ पुण्यतिथि मनाई।

 

 भानुप्रतापपुर आदिवासी छात्र युवा संगठन भानुप्रतापपुर ने रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पूजन एवं प्रतिमा पर माल्यापर्ण की वही आदिवासी छात्र युवा संगठन के प्रदेश विनोद कुमेटी ने कहा कि रानी दुर्गावती के पति दलपत शाह का मध्य प्रदेश के गोंडवाना क्षेत्र में रहने वाले गोंड वंशों के 4 राज्यों में निवास है। गढ़मंडला, देवगढ़, चंदा और खेरला में से गढ़मंडला पर अधिकार था। शादी के 4 साल बाद ही दुर्भाग्यवश रानी दुर्गावती के पति राजा दलपतशाह का निधन हो गया। जिसके बाद रानी दुर्गावती ने इस राज्य का शासन सुनिश्चित किया लेकिन फिर इस राज्य पर मुगलों की कुदृष्टि पड़ी। जिसके बाद रानी दुर्गावती का पतन निश्चित हो गया, इस स्थिति में भी रानी ने कई लड़ाइयां वीरता के साथ लड़ीं और उन्हें खड़ा किया लेकिन फिर मुगलों की शक्ति के सामने हर निश्चय दिखी. इस स्थिति में उन्होंने घुटने टेकने के बजाय अपना चाकू निकाला और 24 जून, 1564 को युद्ध के मैदान में खुद को मार डाला। रानी दुर्गावती हम सबके लिए प्रेरणा रिपोर्ट है 

 

 इस दौरान गणेश पल्ल्लो नंदकुमार हिडको शिलेश्वरी दुग्गा रवीना पडा ने कहा कि रानी दुर्गावती के विचारों को इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जो अपना इतिहास नहीं जानता, वह इतिहास नहीं बना सकता, संगठित रहो और युवाओं को नशे की लत से दूर रहने की बात कह । इस दौरान संगठन के विनोद कुमेटी, राजेश सलाम, गणेश पल्ल्लो, नंदकुमार हिडको, लालचंद दुग्गा, मितलेश नेताम, शिलेश्वरी दुग्गा, रवीना पड्डा, लिलेश्वरी धुर्वा, दुर्गा धुर्वा, अर्दना दुग्गा  आदि उपस्थित थे।

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