(दुद्धी सोनभद्र रिपोर्ट नितेश कुमार )
जनपद सोनभद्र। आगामी ग्राम पंचायत चुनाव 2026 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए मुर्गा, दारू, पैसा, साड़ी या किसी भी प्रकार का उपहार बांटकर वोट मांगना कानूनन अपराध है। यह कृत्य सीधे तौर पर चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन होने के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
किन धाराओं में होती है कार्रवाई
भारतीय दंड संहिता की धारा 171B (Bribery) के तहत मतदाताओं को रिश्वत देना या लेना अपराध है। इसके लिए धारा 171E के तहत एक वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है।
यदि कोई प्रत्याशी या उसका समर्थक मतदाताओं को प्रलोभन देते पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
संभावित कानूनी कार्रवाई
नामांकन रद्द / पर्चा खारिज: दोषी पाए जाने पर प्रत्याशी की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।
गिरफ्तारी और जेल: पुलिस मौके पर गिरफ्तारी कर न्यायिक कार्रवाई कर सकती है।
सामग्री की जब्ती: दारू, मुर्गा, नकदी या अन्य वितरित सामग्री तत्काल जब्त की जाएगी।
भविष्य में चुनाव लड़ने पर रोक: दोष सिद्ध होने पर आगामी चुनावों में प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
48 घंटे का विशेष प्रतिबंध
मतदान से 48 घंटे पूर्व और मतदान के दिन शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री, भंडारण और वितरण पूर्णतः प्रतिबंधित रहता है। इस दौरान उत्पाद विभाग और पुलिस द्वारा लगातार छापेमारी की जाती है।
निर्वाचन आयोग की सख्ती
भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर त्वरित जांच और कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने मतदाताओं और प्रत्याशियों से अपील की है कि वे लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखें। किसी भी प्रकार के प्रलोभन में न आएं और न ही ऐसे कृत्यों में शामिल हों।
सलाह: चुनाव में स्वच्छ छवि और जनसेवा के आधार पर समर्थन प्राप्त करें, न कि अवैध साधनों के माध्यम से। कानून का उल्लंघन गंभीर कानूनी मुसीबत का कारण बन सकता है।

















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